पौड़ी। पहाड़ में अब खेती के प्रति ग्रामीणों का रुझान बढ़ने लगा है। इसकी वजह कुछ मेहनतकश ग्रामीण हैं। रविवार को गौरीकोट में गौरी स्वयं सहायता समूह के उद्यान व अन्य उत्पादन का जायजा लेने के बाद जिलाधिकारी सुशील कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौरीकोट को आदर्श योजना में शामिल करें।
वजली ग्राम सभा के गौरीकोट गांव में वर्ष 2014 में बंजर खेतों को आबाद करने की सोच को लेकर गौरी स्वयं सहायता समूह के अनिल नेगी ने उपजाऊ बनाने के संकल्प के साथ कार्य शुरू किया। करीब 10 नाली जमीन से तब कार्य शुरू हुआ था। वर्ष 2017 तक समूह के साथ अब ज्योति समूह व प्रगति समूह भी मिलकर खेती का कार्य कर रहे हैं। 2014 में मात्र छह परिवार खेती में शामिल हुए और अब 25 परिवारों की आजीविका गौरीकोट से चल रही है। गौरीकोट में कार्य की शुरुआत 17 दिसंबर 2014 में हुई। तीन साल पूरे होने पर संस्था ने समारोह आयोजित किया और जश्न में प्रशासन के तमाम अधिकारी भी शामिल हुए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ने भी कार्यक्रम में उपस्थित दर्ज की और ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में सीडीओ रवनीत चीमा, शैलेंद्र नौटियाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष केशर सिंह नेगी, रेखा देवी, माया देवी, लक्ष्मी देवी, चंद्रा देवी, मालती देवी, निर्मला व प्रमिला आदि मौजूद रहे।