पौड़ी। जीबी पंत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के प्रभारी निदेशक प्रो. एमपीएस चौहान ने सोमवार को प्रशासनिक फेरबदल के आदेश जारी किए। आदेश जारी होते ही प्रोफेसरों ने इसे गलत करार देते हुए निदेशक का घेराव कर जवाब मांगा, लेकिन निदेशक संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। प्रोफेसरों ने कहा कि कालेज में ऐसे लोगों को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है, जो पहले से ही सवालों के कटघरे में हैं।
जीबी पंत इंजीनियरिंग कालेज में विवाद थमने का नाम नहीं रहा है। अभी प्रोफेसर एमपीएस चौहान को प्रभार सौंपे जाने का विरोध थमा नहीं कि एक और विवाद तब गर्मा गया, जब निदेशक ने प्रशासनिक फेरबदल के आदेश जारी किए। सोमवार को निदेशक ने रजिस्ट्रार डा. संजीव नैथानी की जगह डा. मनोज पांडा को जिम्मेदारी सौंप दी। इसके अलावा डिप्टी परीक्षा नियंत्रक डा. यतेंद्र व डा. सत्यवीर, प्रभारी अतिथि गृह डा. नितिन कुमार, प्रभारी विधि डा. बीएम ठक्कर, प्रभारी टीक्यूप डा. अमित जोशी को हटाकर उनकी जगह अन्य को जिम्मेदारी सौंप दी। प्रशासनिक फेरबदल में पूर्व रजिस्ट्रार संदीप कुमार को विश्व बैंक गुणवत्ता सुधार योजना (टीक्यूप) में खरीदारी का दायित्व सौंपा गया। इसने आग में घी का काम किया। दोपहर बाद सीनियर प्रो. आशीष नेगी की अगुवाई में डा. बीएम ठक्कर, डा. केडी नारायण, डा. संजीव नैथानी, डा. किरीट सेमवाल व डा. सत्यवीर आदि ने निदेशक का घेराव किया। कहा कि संजीव कुमार पहले ही विवादों में हैं और उन्हें टीक्यूप में जिम्मेदारी सौंपी गई, जबकि इस पद की जिम्मेदारी सीनियर प्रोफेसर को सौंपी जानी चाहिए। निवर्तमान रजिस्ट्रार डा. संजीव नैथानी ने कहा कि उन्होंने ऑडिटोरियम में 45 लाख के कार्य का भुगतान व लेक्चर कैप्चर कैमरों की 30 लाख के भुगतान पर अनियमितता के चलते रोक लगा दी। यही वजह रही कि उन्हें पद से हटाया गया। गुस्साए प्रोफेसरों ने इस मामले में अपर मुख्य सचिव तकनीकी शिक्षा ओम प्रकाश को भी पत्र भेजा है। इसके अलावा मुख्यमंत्री से मांग की है कि जीबी पंत में चल रही अनियमितताओं व गड़बड़ियों पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाए।
कोट
प्रशासनिक फेरबदल निदेशक के अधिकार हैं। जिनको भी जिम्मेदारियां दी गई हैं, वे बेहद गंभीर होकर कार्य करेंगे। प्रोफेसरों में गुस्सा है। इसकी भी समीक्षा की जाएगी।
-प्रो. एमपीएस चौहान, प्रभारी निदेशक जीबी पंत इंजीनियरिंग कालेज, घुड़दौड़ी।