पौड़ी। अब छुट्टी के दिन भी अधिकारी मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। धुमाकोट बस हादसे के बाद अधिकारियों एवं कर्मचारियों की छुट्टियों पर पहले ही रोक लगा दी गई है, जबकि अब जिलाधिकारी सुशील कुमार ने छुट्टी के दिन भी अधिकारियों को मुख्यालय न छोड़ने के निर्देश दिए हैं। अमर उजाला ने बस हादसे के दिन इस मामले को प्रमुखता से उठाया था कि आईआरएस सिस्टम से जुड़े जनपद के 39 अधिकारी बस हादसे के दिन नदारद रहे।
जिलाधिकारी सुशील कुमार ने कहा कि मानसून सीजन के चलते जनपद में आपातकालीन परिस्थितियों के मद्देनजर सभी संसाधनों का समुचित उपयोग करने के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबंधित क्षेत्रों में मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 30 में प्रदत्त शक्तियों के तहत जनपद क्षेत्र के अंतर्गत सभी विभागीय अधिकारियों को कार्य दिवस सहित अवकाश के दिन भी मुख्यालय न छोड़ने की हिदायत दी गई है। उन्होंने कहा कि मानसून सीजन के दौरान कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपरिहार्य कारणों में मुख्यालय छोड़ने से पूर्व उनसे अनुमति लेनी अनिवार्य होगी। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी संभावित आपदा या आपातकालीन परिस्थितियों में राहत व बचाव के लिए तत्काल कार्रवाई की जाए। दिशा-निर्देश 30 सितंबर तक प्रभावी रहेंगे।
छुट्टी के बहाने शनिवार को ही हो जाते हैं गायब
मंडल मुख्यालय में अक्सर रविवार की छुट्टी के बहाने कुछ अधिकारी एवं कर्मचारी शनिवार को ही दफ्तरों से गायब हो जाते हैं। शनिवार को ऑफिस में उपस्थिति दर्ज कराने के बाद वे सोमवार को ऑफिस वापस लौटते हैं। धुमाकोट बस हादसे वाले दिन भी कुछ ऐसा ही हुआ। उस दिन संडे था और अधिकारी मंडल मुख्यालय छोड़कर देहरादून चले गए थे।