पौड़ी। मंडल मुख्यालय में भूम्याल देव श्री कंडोलिया देवता का तीन दिवसीय वार्षिक पूजन शुक्रवार से शुरू हुआ। सुबह आठ बजे देव स्नान, शृंगार एवं आरती की गई। इसके बाद सांस्कृतिक दलों के साथ श्री कंडोलिया मंदिर धारा रोड से ध्वजा का नगर भ्रमण शुरू हुआ जो अपर बाजार, एजेंसी होकर श्री कंडोलिया देवता के मंदिर पहुंचा।
नवग्राम व नगर ध्वजारोहण के दौरान कलश यात्रा एवं भव्य झांकी निकाली गई। दोपहर दो बजे अखंड श्री रामायण पाठ शुरू हुआ। रात आठ बजे देव आरती की गई। मान्यता है कि डुंगरियाल लोग जब पूर्व में पौड़ी में बसने आए थे तब रिंगाल की बनी कंडी में कुमाऊं से अपने देवता को भी साथ लेकर आए थे। कंडी में लाने के कारण देवता को कंडोलिया देवता के नाम से पूजा जाने लगा। अनुष्ठान में आसपास के गांवों के कई ग्रामीण शामिल हुए। शनिवार को रात्रि जागरण और भंडारा होगा।