थलीसैंण। जिले के दूरस्थ ग्रामीण इलाकों की स्वास्थ्य सेवाएं बुरे दौर से गुजर रही हैं। करीब 36 गांवों के केंद्र थलीसैण में 11 साल पहले खोले गए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आज भी विशेषज्ञ डाक्टरों की तैनाती नहीं हुई है। डॉक्टरों के स्वीकृत 12 पदों में से दस खाली पड़े हैं।
मंडल मुख्यालय पौड़ी से करीब 182 किमी दूर ब्लाक मुख्यालय थलीसैंण के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर क्षेत्र के दस हजार से अधिक लोगों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी है। दो डाक्टरों के भरोसे पूरा अस्पताल चल रहा है। विशेषज्ञ डाक्टर नहीं होने से एक्स-रे मशीन, रक्त जांच मशीन, डेंटल सर्जरी मशीन समेत अन्य मशीनें भी धूल फांक रही है। ग्रामीणों को एक्सरे और अन्य जांचों के लिए लंबी दौड़ लगानी पड़ रही है। अस्पताल की अनदेखी को लेकर क्षेत्र के ग्रामीण नाराज हैं। सामाजिक कार्यकर्ता आशाराम पोखरियाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि इस संबंध में कई बार क्षेत्रीय विधायक को अवगत कराने के साथ ही मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन भेजा गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। बैठक में कहा गया कि अस्पताल में जल्द ही डॉक्टरों की तैनाती नहीं की गई तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे। बैठक में सुशील धस्माणा, रणजीत सिंह, श्याम सिंह, राजकुमार, सुरेश कुमार, सुशीला देवी, भामा देवी, सरोजनी देवी आदि मौजूद रहे।
जिले में चिकित्सकों की कमी है। जिले में शासन से यदि चिकित्सक तैनात होते हैं तो थलीसैंण में प्राथमिकता के आधार पर डाक्टर तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा तकनीशियन की भी व्यवस्था की जा रही है। - डा. आरएस राणा, सीएमओ पौड़ी।