पौड़ी। जिला निर्वाचन विभाग की ओर से आदर्श आचार संहिता को लेकर राजनीतिक दलों की बैठक आमंत्रित की गई थी। विभाग ने तीन बार स्थान बदला, जिससे राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि परेशान रहे। वहीं कई समय पर पार्टी पदाधिकारियों को सूचना न देने का भी आरोप लगाया गया।
जिला निर्वाचन विभाग की ओर से आदर्श आचार संहिता को लेकर संस्कृति भवन प्रेक्षागृह में बैठक का आयोजन किया गया था। बैठक में शामिल होने के लिए कुछ दलों के प्रतिनिधि पहुंचे। जिनमें मात्र भाजपा व कांग्रेस के प्रतिनिधि शामिल रहे। इसका कारण था कि निर्वाचन विभाग ने प्रेक्षागृह से पहले राजनीतिक प्रतिनिधियों को विकास भवन सभागार, उसके बाद जिला पंचायत सभागार में बुलाया, लेकिन बैठक अंत में आपदा परिचालन केंद्र सभागार में हुई। इस बीच राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि इधर से उधर भटकते रहे। भाजपा के सह-मीडिया सलाहकार ओपी जुगरान, कांग्रेस के वीरेंद्र सिंह रावत ने कहा कि विभाग को आगे से इस तरह की पुनरावृत्ति न हो इसका ध्यान रखना होगा। उक्रांद के जिलाध्यक्ष सुबोध पोखरियाल ने कहा कि जिला निर्वाचन विभाग की ओर से बैठक को लेकर दल के किसी भी प्रतिनिधि या पदाधिकारी को सूचना नहीं दी गई। नोडल अधिकारी डा. रतन कुमार ने कहा कि विभाग ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को समय पर सूचना दे दी थी। एआरओ योगेश सिंह ने बताया कि मौजूद प्रतिनिधियों को आचार संहिता, नियम, दंड के प्रावधान, प्रत्याशी, केंद्रीय मंत्री, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री व मुख्यमंत्री के अधिकार व आचार संहिता अनुपालन, आयोग के नियमों की विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बैठक स्थल बदले जाने के सवाल पर कहा कि निर्वाचन से जुड़े विभिन्न कार्यों की वजह से बैठक स्थल में बदलाव किया गया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ कांग्रेस राहत हुसैन, नगर अध्यक्ष महिला कांग्रेस कमेटी रेखा भंडारी, नगर मंडल अध्यक्ष भाजपा राजेंद्र सिंह रावत, गोदांबरी रावत आदि मौजूद थे।