पौड़ी। जिले का राजकीय जूनियर हाईस्कूल ननकोट तीन दिन से बंद पड़ा है। विद्यालय के विलीनीकरण का आदेश मार्च 2019 में जारी किया गया था, लेकिन विभागीय हीलाहवाली से आदेश का पालन आज तक नहीं हो पाया है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक सहित तीन शिक्षकों ने बीईओ कार्यालय पौड़ी में ज्वाइनिंग दे दी है, जबकि विद्यालय में ग्राम पंचायत ने ताला लगा दिया है।
राजकीय जूनियर हाईस्कूल ननकोट नौ मई से बंद पड़ा हुआ है। शिक्षा विभाग ने राजूहा ननकोट के जीआईसी उज्याड़ी में विलीनीकरण का आदेश मार्च 2019 में जारी किया था। साथ ही विद्यालय के शिक्षकों को बीईओ कार्यालय पौड़ी में ज्वाइंनिंग के निर्देश दिए थे, लेकिन विद्यालय में सेवारत शिक्षकों ने ज्वाइनिंग नहीं दी। वे विद्यालय संचालित करते रहे। इस दौरान ग्रामीणों ने विद्यालय को बंद किए जाने के विरोध में जिलाधिकारी व शिक्षा विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन भी दिया। बीईओ पौड़ी ने शिक्षकों द्वारा निर्देश का पालन नहीं किए जाने पर उन्हें नोटिस जारी किया। साथ ही डीईओ बेसिक को कार्रवाई की संस्तुति भी भेजी। इसके बाद डीईओ बेसिक ने शिक्षकों को एक मौका देते हुए बीईओ कार्यालय पौड़ी में ज्वाइनिंग देते हुए विद्यालय के विलीनीकरण की कार्रवाई पूरी किए जाने के निर्देश दिए। शिक्षकों ने बीईओ कार्यालय पौड़ी में आठ मई 2019 को ज्वाइनिंग दे दी, लेकिन विद्यालय का विलीनीकरण नहीं हो पाया। ग्राम प्रधान ननकोट रविंद्र सिंह रावत ने बताया कि शिक्षा विभाग जबरन विद्यालय को बंद करने पर तुला हुआ है। विद्यालय में छात्र संख्या 11 है। इनमें दो दिव्यांग हैं। नियमानुसार कोई भी स्कूल 10 या इससे कम छात्र संख्या होने पर बंद किया जाता है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों के जाने के बाद नौ मई से विद्यालय बंद पड़ा है। पंचायत ने विद्यालय में ताला लगा दिया है। बीईओ पौड़ी जेपी काला ने बताया कि विद्यालय के विलीनीकरण किए जाने का आदेश मार्च में दिया गया था। उस समय विद्यालय में चार बच्चे अध्ययनरत थे। उन्होंने बताया कि विद्यालय के शिक्षकों ने बीईओ कार्यालय में ज्वाइनिंग दे दी है। विद्यालय का विलीनीकरण जल्द ही कर लिया जाएगा। जीआईसी उज्याड़ी के प्रधानाचार्य हरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि राजूहा ननकोट के विलीनीकरण का आदेश मिला है, लेकिन विलीनीकरण को लेकर धरातल पर अभी कुछ भी नहीं हुआ है।