पौड़ी। सरकार को गढ़वाल मंडल का स्थापना वर्ष याद आ गया। सरकार मंडल की स्थापना को लेकर दो दिवसीय स्वर्ण जयंती समारोह मनाने जा रही है, लेकिन सरकार समारोह के आयोजन के बीच गढ़वाल मंडल के संस्थापक पूर्व राज्यपाल डा. बी गोपाल रेड्डी को भूल गई।
गढ़वाल मंडल की स्थापना 1 जनवरी 1969 को उत्तर प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल डा. बी गोपाल रेड्डी ने की थी। रेड्डी पहले ऐसे व्यक्ति थे, जिनकी जीवित रहते ही उनकी मूर्ति स्थापित की गई थी, जो आज जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में धूल फांक रही है। मंडल का स्वर्ण जयंती समारोह मुख्यालय में 28 व 29 जून को आयोजित किया जाएगा। मंडलायुक्त प्रशासन ने समारोह का निमंत्रण पत्र, पोस्टर व पंपलेट आवंटित करना शुरू कर दिया है, लेकिन उनमें मंडल के संस्थापक का कोई जिक्र नहीं किया गया है। वरिष्ठ समाजसेवी अनिल स्वामी का कहना है कि मंडल के संस्थापक को याद नहीं करना दुर्भाग्यपूर्ण है। गढ़वाल मंडल के स्वर्ण जयंती समारोह का निमंत्रण पत्र गढ़वाली भाषा में तैयार हुआ है, जिसे साहित्यकार गणेश खुगशाल गणि ने तैयार किया है।
उच्च शिक्षा राज्यमंत्री ने देखी तैयारियां
पौड़ी। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री ने डा. धन सिंह रावत ने समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि 28 जून को कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक पौड़ी मुकेश कोली करेंगे। जिलाधिकारी धीराज सिंह गब्रयाल ने बताया कि 29 जून को आयुक्त सभागार में मुख्यमंत्री मंत्री मंडल की बैठक लेंगे। 30 जून को मुख्यमंत्री ल्वाली में आयोजित गगवाड़स्यूं महोत्सव में शिरकत करेंगे। बैठक में विधायक मुकेश कोली, पीसीएफ उपाध्यक्ष मातवर सिंह रावत, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह रावत, एसडीएम सदर योगेश सिंह, डीएफओ लक्ष्मण सिंह रावत, डीएसटीओ निर्मल शाह, पीई स्वजल दीपक रावत, गणेश खुगशाल गणि मौजूद थे।