श्रीनगर। गढ़वाल विवि के बीएड पाठ्यक्रम की 4,400 सीटों के लिए 12 हजार 74 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। बीएड प्रवेश परीक्षा के लिए 13 हजार 544 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया था। रविवार को गढ़वाल मंडल के 25 परीक्षा केंद्रों पर बीएड प्रवेश परीक्षा संपन्न हुई। इनमें श्रीनगर में 2, पौड़ी, कोटद्वार, कर्णप्रयाग व टिहरी में 1-1 देहरादून में 12 और रुड़की में 7 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। यहां दो पालियों में परीक्षा संपन्न हुई। प्रथम पाली (सुबह 8-11 बजे) में सामान्य ज्ञान और द्वितीय पाली (अपराह्न 2-5 बजे) में विषय परीक्षा हुई।
बीएड प्रवेश परीक्षा संयोजक प्रो. एसएस रावत ने बताया कि प्रवेश परीक्षा हेतु 13 हजार 544 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से सुबह की पाली में 12,092 (1452 अनुपस्थित) और शाम की पाली में 12,084 (1470 अनुपस्थित) परीक्षार्थी शामिल हुए। इस वर्ष विवि में बीएड की 4 हजार 400 सीट निर्धारित हैं। उन्होंने बताया कि श्रीनगर में बिड़ला परिसर और जीजीआईसी परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। बिड़ला परिसर में पंजीकृत 1235 के सापेक्ष 1137 और जीजीआईसी में पंजीकृत 500 के सापेक्ष 475 परीक्षार्थी बैठे। इधर, परीक्षार्थी राजेंद्र और निखिल ने बताया कि प्रश्न पत्र में 81 वें नंबर पर चेचक के टीके का आविष्कारक का नाम पूछा गया था। सवाल के साथ जो विकल्प दिए गए थे, उनमें टीके के आविष्कारक एडवर्ड जेनर का नाम नहीं था। वहीं प्रश्न संख्या 64 और 90 में एक जैसा सवाल कि राष्ट्रीय शिक्षा दिवस किसकी स्मृति में मनाया जाता है, पूछा गया था।