श्रीनगर। गढ़वाल विवि का 17 जुलाई से नया शिक्षा सत्र शुरू हो रहा है, लेकिन इस शिक्षा सत्र में भी छात्रों को शिक्षकों की कमी से जूझना पड़ेगा। विवि के कई विभागों में एक भी शिक्षक नहीं है, जबकि कई विभाग मात्र एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। वहीं विवि प्रशासन का कहना है कि नई नियुक्तियों के लिए रोस्टर तैयार किया जा रहा है। स्थायी कुलपति की नियुक्ति होते ही शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
गढ़वाल विवि के तीनों परिसरों में शिक्षकों के अधिकांश पद रिक्त चल रहे हैं। विवि के इन विभागों की पूरी जिम्मेदारी अतिथि शिक्षकों के भरोसे है। पौड़ी परिसर के भूगर्भ विज्ञान विभाग, हिंदी, समाजशास्त्र व सांख्यकीय विभाग में एक भी नियमित शिक्षक नहीं है, जबकि अर्थशास्त्र, वनस्पति विज्ञान व राजनीति विज्ञान विभाग में मात्र एक ही शिक्षक तैनात है। इन सभी विभागों में छात्रों की संख्या काफी है। यही स्थिति टिहरी परिसर की भी है। यहां मानव विज्ञान विभाग में एक भी शिक्षक तैनात नहीं है, जबकि इतिहास, राजनीति विज्ञान व संस्कृत में मात्र एक ही शिक्षक तैनात है। शिक्षकों की कमी से छात्रों को नुकसान हो रहा है। छात्रों का कहना है कि विवि प्रशासन शिक्षकों की नियुक्ति के लिए गंभीर नहीं है। बिना शिक्षकों के पठन पाठन पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। वहीं विवि के कार्यवाहक कुलपति प्रो. जेके गोदियाल का कहना है कि विवि में नई नियुक्तियां आरक्षण के नए रोस्टर के तहत की जानी है। आजकल रोस्टर तैयार किया जा रहा है। नियमित कुलपति की नियुक्ति होते ही शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।