पौड़ी। जिला योजना में जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग के बजट में अधिकारियों की मनमानी से खूब कैंची चली है। विभाग ने 5.85 करोड़ के बजट का प्रस्ताव जिला योजना में रखा था। प्रस्ताव तो पास नहीं हुआ, लेकिन अनुमोदित एक करोड़ 75 लाख के बजट में भी विगत वर्ष के बजट में से 40 फीसदी से अधिक की धनराशि पर भारी कटौती कर दी गई है। इससे विभागीय अधिकारी हैरान हैं तो जिला युवा कल्याण समिति में आक्रोश है। मुख्यालय पौड़ी में विगत 11 जून को विकास भवन सभागार में जिले के प्रभारी मंत्री सुबोध उनियाल ने जिला योजना की बैठक ली। इसमें वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए विभिन्न विभागों को प्रस्तावित धनराशि अनुमोदित की गई। जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग के अधिकारी जिला योजना में अनुमोदित बजट देखकर हैरान हैं। अधिकारियों का कहना है कि जिला योजना की बैठक में बजट को लेकर बातचीत हुई, लेकिन अनुमोदित राशि को लेकर कोई बात नहीं हुई। इससे लगा कि विभाग के प्रस्ताव को सदन ने स्वीकृति प्रदान कर ली है, लेकिन अनुमोदित बजट की सूचना मिलने पर विभाग के अधिकारी-कर्मचारी हैरान है। उन्होंने कहा कि विभाग के माध्यम से विभिन्न विभागों में सेवारत पीआरडी के जवानों के वेतन, विभागीय सहित अन्य कार्य इस वित्तीय वर्ष में पूरे तरह से प्रभावित रहेंगे। प्रदेश में युवा कल्याण विभाग ही एक ऐसा विभाग है, जो युवाओं को विभिन्न स्तर पर रोजगार प्रदान करता है। इस वर्ष विभाग युवाओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण एवं ड्राइविंग प्रशिक्षण प्रदान किए जाने की तैयारी कर रहा था, लेकिन बजट में भारी कटौती से इस योजना पर भी बुरा प्रभाव पड़ेगा। विभाग के बजट में विगत पांच वित्तीय वर्षों में कभी भी इतनी बड़ी कटौती नहीं देखी गई है।
जिला योजना में विभिन्न योजनाओं के लिए पांच करोड़ 85 लाख का प्रस्ताव रखा था, लेकिन अनुमोदित बजट देखकर पूरा विभाग हैरान है। विभाग को मात्र एक करोड़ 75 लाख रुपये की धनराशि इस वित्तीय वर्ष के लिए मिली है, जबकि विभाग पर पहले से ही करीब 76 लाख की देनदारी शेष है।
-गणेश थपलियाल, जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी पौड़ी।
बजट में कटौती करना दुर्भाग्यपूर्ण है। लाखों की धनराशि अफसरों के बर्तन धोने पर ही विभाग का खर्च हो जाता है, जबकि पीआरडी जवान बोर्ड परीक्षा, चारधाम यात्रा, यातायात व्यवस्था में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं।
-त्रिभुवन उनियाल, अध्यक्ष जिला युवा कल्याण समिति