पौड़ी। मत्स्य पालन से आजीविका को बढ़ाने के लिए आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न हो गई है। इसमें गढ़वाल मंडल के प्रत्येक जिले से 2-2 मत्स्य पालकों को बेहतर कार्य के लिए प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। कार्यशाला में डीएम ने कहा कि मत्स्य पालन को आजीविका का आधार बनाएं। इस मौके पर पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
विकास भवन सभागार में आयोजित कार्यशाला में डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने कहा कि मत्स्य पालन को आजीविका का आधार बनाने की दिशा में अधिकारियों को ठोस कदम उठाने होंगे। कहा कि शीतजल मात्स्यिकी अनुसंधान निदेशालय (डीसीएफआर) नैनीताल में है। इसका मत्स्य पालकों को भरपूर लाभ उठाना चाहिए। शीतजल मात्स्यिकी अनुसंधान निदेशालय नैनीताल के निदेशक देवाजित शर्मा ने शीतजल मत्स्य पालन की जानकारी देते हुए किसानों को पांच साल के लिए ऐसे एक्शन प्लान बनाकर काम करने को कहा, जिससे किसानों की आय में इजाफा हो। कहा कि शीतजल की मछलियां ऐसे जल स्रोतों में पाई जाती हैं, जहां जल का तापमान 5 से 25 डिग्री तक होता है। पर्वतीय क्षेत्र की मछलियों में देसी प्रजातियां सुनहरी महाशीर, स्नो ट्राउट, बरिलियस, लैबियो व गारा आदि हैं। मत्स्य विभाग उत्तराखंड के निदेशक डा. बीपी मधवाल ने कहा कि जिन क्षेत्रों से पलायन हो रहा है, वहां मत्स्य पालन के साथ ही मुर्गी, बकरी, बत्तख पालन भी हो सके। जिला मत्स्य अधिकारी अभिषेक मिश्रा ने जिले में किए गए कार्यों और योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर डा. डी बर्वा, वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. सुरेश चंद्रा, अतुल भंडारी, एमएम खान व निर्मल शाह आदि मौजूद थे।
एकल विंडो की 14 इकाइयों को स्वीकृति
अमर उजाला ब्यूरो
पौड़ी। जिले में उद्यम की एकल विंडो की 14 इकाइयों को सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है। जिलाधिकारी ने जिले में उद्यम की समीक्षा बैठक ली।
जिलाधिकारी कार्यालय सभागार में डीएम ने जिला उद्योग मित्र, विशेष एकीकृत औद्योगिक प्रोत्साहन नीति, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम नीति के तहत गठित उप समितियों की समीक्षा बैठक ली। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र में पलायन बढ़ रहा है, जिसे थामने में उद्यम सहायक हो सकता है। इस दिशा में पूंजी निवेश को बढ़ावा दिया जाना होगा। जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक मृत्युंजय सिंह ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने ग्रोथ सेंटर योजना के तहत नौ प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से सात निदेशालय व दो शासन को स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं। इस अवसर पर सीडीओ, एडीएम डा. एसके बरनवाल आदि मौजूद रहे।