श्रीनगर। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विवि के उच्च शिखरीय पादप कार्यिकी एवं शोध केंद्र (हैप्रेक) में औषधीय एवं सगंध पादप किसान संगोष्ठी आयोजित की जा रही है। गोष्ठी में चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी व पिथौरागढ़ के करीब 150 से अधिक जड़ी-बूटी काश्तकार प्रतिभाग कर रहे हैं। गोष्ठी में काश्तकारों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
प्रज्ञा फाउंडेशन की ओर से आयोजित हो रही तीन दिवसीय गोष्ठी के तीसरे दिन काश्तकारों को औषधीय पादपों के कृषिकरण की विधियों व तकनीकियों के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। हैप्रेक के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. विजयकांत पुरोहित ने कहा कि संगोष्ठी में प्रतिभाग करने वाले जड़ी-बूटी काश्तकारों को बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। डा. जेएस बुटोला ने जड़ी-बूटियों व इन्हें क्रय करने वाली कंपनियों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान काश्तकारों को सरकारी योजनाओं व उनमें मिलने वाली सब्सिडी के बारे में बताया किया।