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रांसी स्टेडियम पर करोड़ों खर्च फिर भी संशय

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पौड़ी। करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद रांसी स्टेडियम उच्च प्रशिक्षण केंद्र के रूप में पूरी तरह से तैयार नहीं है। साई (स्पोर्ट्स अथॉरिटी आफ इंडिया) की ओर से इसका निरीक्षण किया जा चुका है, लेकिन साई इसे लेगा या नहीं और भविष्य में यहां राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं होंगी, इस पर संशय बना है।
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प्रदेश की खेल प्रतिभाएं यहां तराशी जा सकें, इसके लिए पौड़ी में रांसी स्टेडियम को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाना है। स्टेडियम के विस्तार और निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को कार्यदायी संस्था बनाया गया था। यूपी निर्माण निगम की ओर से लगभग पांच करोड़ की लागत से यहां दो टीमों के खिलाड़ियों के लिए डोरमेट्री एवं चेंज रूम, मैदान में मिट्टी भरान, ओपन पवेलियन, वाहनों के लिए पार्किंग आदि विभिन्न निर्माण कार्य होने थे। इसके अलावा एथलेटिक्स के लिए चार सौ मीटर का ट्रैक आदि कार्य होने हैं, लेकिन अब तक न तो यहां ट्रैक का निर्माण हो सका है, न बिजली और पानी की व्यवस्था है। 1817 मीटर की ऊंचाई पर स्थित एशिया के इस दूसरे स्टेडियम का हाल यह है कि मैदान समतल नहीं है। मैदान में गड्ढ़े और पत्थर होने से चोटिल होने का खतरा बना रहता है। साई की कार्यकारी निदेशक रचना गोविल और तत्कालीन क्षेत्रीय निदेशक राजेंद्र सिंह के बाद अब हाल ही में गढ़वाल कमिश्नर शैलेश बगौली स्टेडियम का निरीक्षण कर चुके हैं।
कोट---------------
हिमाचल के सिलारू की तर्ज पर उच्च स्तरीय प्रशिक्षण केंद्र बनना है। केंद्र में छात्रावास का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन अभी बिजली और पानी की व्यवस्था नहीं हो पाई है। साई की टीम इसका निरीक्षण कर चुकी है।
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-एसके सार्की, सहायक निदेशक, खेल विभाग
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