श्रीनगर। जय दयाल अग्रवाल संस्कृत महाविद्यालय में नशा उन्मूलन पर आयोजित कार्यशाला में महाविद्यालय के प्राचार्य जगदीश प्रसाद सकलानी ने कहा कि नशे का सेवन जहां व्यक्ति के विकास में बाधक होता है वही जीवन का नाश भी करता है।
रविवार को संस्कृत महाविद्यालय में नशा उन्मूलन पर दो चरणों में कार्यशाला आयोजित की गई। प्रथम चरण में नशा उन्मूलन पर चर्चा परिचर्चा की गई। जबकि दूसरे चरण में इस क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जतिंद्र धीर ने कहा कि युवा नशे की लत में पड़ चुका है। कार्यक्रम संयोजक राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित अखिलेश चंद्र चमोला ने कहा कि नशे के सेवन से व्यक्ति पराधीन हो जाता है। वह बिना नशे के कुछ भी नहीं कर पाता है। शिक्षक संघ के नेता शिव सिंह नेगी ने चमोला की इस मुहिम की सराहना की है। कार्यक्रम के दूसरे चरण में नशा उन्मूलन प्रभारी चमोला ने पर्यावरण, शिक्षा व नशा उन्मूलन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर शिक्षक सतेंद्र भंडारी व डा. अशोक बडोनी को आदर्श शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया है।