पौड़ी। गढ़वाल केंद्रीय विवि में चल रहे विवाद पर जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी ने फिलहाल विराम लगा दिया है। उन्होंने विवि के कुलसचिव को आउटसोर्स, सुरक्षा व सफाई कर्मियों की नियुक्ति की निविदा को तत्काल प्रभाव से निरस्त किए जाने का आदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि विवि को लोकसभा निर्वाचन की आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। छात्रों ने जिलाधिकारी के आदेश का स्वागत किया है, लेकिन हटाए गए सुरक्षा कर्मियों के भविष्य को सुरक्षित किए जाने की मांग की है। उधर, श्रीनगर में कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने जिलाधिकारी के इस निर्देश के संबंध में कोई भी जानकारी होने से इंकार किया है।
गढ़वाल केंद्रीय विवि में आउटसोर्स, सुरक्षा व सफाई कर्मियों की नियुक्ति किए जाने का मामला सामने आया, जिसके बाद हटाए गए कर्मचारियों के साथ विवि के तीनों परिसरों (श्रीनगर, पौड़ी व बादशाहीथौल टिहरी) में छात्रों ने आंदोलन शुरू कर दिया। छात्रों के उग्र आंदोलन के बाद एसडीएम/सहायक रिटर्निंग अधिकारी श्रीनगर दीपेंद्र सिंह नेगी ने विवि को आचार संहिता के दौरान नियुक्ति प्रक्रिया शुरू किए जाने को लेकर 27 अप्रैल को नोटिस जारी किया। विवि प्रशासन ने नोटिस का जवाब एक मई को दिया। नोटिस के जवाब में बताया कि विवि ने आउटसोर्स, सुरक्षा व सफाई कर्मियों की नियुक्ति अनुबंध 4 अप्रैल 2019 को जारी किया, जिसको लेकर विवि प्रशासन ने निर्वाचन आयोग से पूर्व में अनुमति भी नहीं ली। जबकि आदर्श आचार संहिता 10 मार्च 2019 को लागू हो गई थी। जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी ने विवि प्रशासन को आदर्श आचार संहिता को दोषी पाते हुए निविदा तत्काल प्रभाव से निरस्त किए जाने का आदेश दिया है।
जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि गढ़वाल विवि प्रशासन ने आचार संहिता का उल्लंघन किया है। कुलसचिव को आउटसोर्स, सुरक्षा व सफाई कर्मियों की नियुक्ति निविदा तत्काल प्रभाव से निरस्त किए जाने का आदेश दिया है। वहीं बीजीआर परिसर पौड़ी छात्रसंघ अध्यक्ष अरविंद नैथानी ने कहा कि छात्रों की मुख्य मांग निविदा निरस्त किए जाने की थी, जिसे डीएम ने निरस्त करने का आदेश दिया है।
जांच को कमेटी गठित
श्रीनगर। आचार संहिता के दौरान टेंडर प्रक्रिया के तहत सुरक्षा कर्मियों की नियुक्ति प्रकरण गढ़वाल विवि के लिए भारी पड़ गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। कमेटी एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट जिला निर्वाचन अधिकारी को सौंपेगी। जिला निर्वाचन अधिकारी ने आचार संहिता के दौरान टेंडर प्रक्रिया से सुरक्षा कर्मियों की नियुक्ति पर विवि को आड़े हाथों लिया है। जिला निर्वाचन अधिकारी धीरज गर्ब्याल ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए सहायक निर्वाचन अधिकारी/एसडीएम दीपेंद्र नेगी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। कमेटी में पंचायती राज अधिकारी व कोषाधिकारी सदस्य हैं। उक्त कमेटी को एक सप्ताह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं।
बिड़ला व चौरास परिसर चौथे दिन भी बंद
श्रीनगर। गढ़वाल विवि के चौरास व बिड़ला परिसर लगातार चौथे दिन बृहस्पतिवार को भी बंद रहे। आंदोलित छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हो जाती आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों के आंदोलन को विभिन्न संगठनों ने भी समर्थन दिया है। वहीं, वनस्पति विज्ञान विभाग में प्री-पीएचडी में प्रवेश के लिए साक्षात्कार होना था, लेकिन छात्रों ने इसे भी बंद करा दिया।
गढ़वाल विवि में आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा पूर्व की भांति यथावत रखने सहित अन्य 15 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलित छात्रों ने बृहस्पतिवार को भी बिड़ला व चौरास परिसर में शैक्षणिक गतिविधियां बंद कराई। छात्रों का आरोप था कि कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल व कुलसचिव डा. एके झा छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय मुख्यालय से नदारद हो गए हैं। वहीं ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस व प्रगतिशील जनमंच ने भी छात्रों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। वहीं मुख्य नियंता प्रो. अरुण बहुगुणा ने बताया कि नियंता बोर्ड ने समीक्षा बैठक आयोजित कर परिसर बंद न करने का निर्णय लिया है।
पूर्व सैनिकों ने छात्र नेताओं पर लगाया अभद्रता का आरोप
श्रीनगर। एचएनबी गढ़वाल विवि में आउटसोर्सिंग के माध्यम से गार्डस के पदों पर नियुक्त पूर्व सैनिकों ने छात्र नेताओं पर अभद्र शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाया है। गौरव सेनानी संगठन ने अभद्र व्यवहार करने वाले छात्र नेताओं के विरुद्ध कार्रवाई न होने पर सुरक्षा गार्डस के समर्थन में सड़क पर उतरने की चेतावनी दी है। संगठन ने इस संबंध में डीएम, एसएसपी और गढ़वाल विवि के कुलपति को ज्ञापन भेजा है। संगठन ने कहा कि यदि अराजक छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर संगठन के अध्यक्ष मथुरा प्रसाद सिलोड़ी, सत्या सिंह तड़ियाल, अरुण बहुुगुणा, मातबर सिंह धनाई, रघुवीर सिंह, गोविंद सिंह बिष्ट, देव सिंह रावत, सुरेंद्र नेगी, प्रेम सिंह रावत व होशियार सिंह आदि उपस्थित थे।