पौड़ी। तीन महीने पहले पिता की मौत के बाद ग्राम मरोड़ा के एक युवक की मां तब से बीमार चल रही है। गरीबी में विवेक तीन दिन पहले अपनी मां को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा, लेकिन डाक्टरों ने उसे देखना तक मुनासिब नहीं समझा। सोमवार केे लोगों ने जब हल्ला किया, तो चिकित्सकों ने उसे आनन-फानन में बेस अस्पताल श्रीनगर रेफर कर दिया, लेकिन एंबुलेंस तक की सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई। हालांकि बाद में लोगों के हंगामा काटने के बाद अस्पताल ने एंबुलेंस दी।
जिला अस्पताल 20 जनवरी को ब्लाक पाबौ की पट्टी बिडोलस्यूं के ग्राम मरोड़ा के 20 वर्षीय विवेक रावत ने अपनी मां को अस्पताल भर्ती करवाया। उनकी मांग को बार-बार चक्कर आने की शिकायत थी। अस्पताल ने उन्हें भर्ती तो कर लिया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें एक बार भी नहीं देखा। सोमवार को अस्पताल में प्रदीप कुमार, रमेश कंडारी, बालम सिंह, गोपाल सिंह ने जब हंगामा काटा, तो आनन-फानन में उन्हें बेस अस्पताल रेफर कर दिया। मरीज के लिए एंबुलेंस की मांग की गई, तो अस्पताल ने इससे भी इंकार कर दिया और कह दिया कि एंबुलेंस उपलब्ध नहीं है। लोगों के दोबारा हंगामा करने पर अस्पताल ने एंबुलेंस उपलब्ध करवाई। पीएमएस डा. अनिल कुमार ने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है, लेकिन ऐसा हुआ है तो कार्रवाई होगी।