पौड़ी। एशिया के सबसे ऊंचे स्टेडियमों में शामिल रांसी स्टेडियम को भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) को सौंपने की कवायद अब लगभग अंतिम चरण में है। दिल्ली व लखनऊ साई के अफसरों ने बृहस्पतिवार को स्टेडियम का मुआयना किया। इसके बाद कहा कि हाई एल्टीट्यूड ट्रेनिंग सेंटर के लिए रांसी सबसे बेहतरीन स्टेडियम है।
समुद्रतल से 6200 फीट की ऊंचाई पर स्थित रांसी स्टेडियम को हाई एल्टीट्यूड ट्रेनिंग सेंटर में तब्दील करने की कोशिशें अब परवान चढ़ने लगी है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत रांसी स्टेडियम को लेकर बेहद संजीदा है। उनके निर्देश पर साई दिल्ली की कार्यकारी निदेशक रचना गोविल व लखनऊ के क्षेत्रीय निदेशक राजेंद्र सिंह रांसी पहुंचे। साई के इन दोनों अधिकारियों ने रांसी का निरीक्षण किया। इसके बाद साई दिल्ली की कार्यकारी निदेशक रचना गोविल ने कहा कि रांसी सबसे खूबसूरत स्टेडियम में है। हाई एल्टीट्यूड ट्रेनिंग सेंटर के रूप में रांसी को साई लेना चाह रही है। उन्होंने कहा कि रांसी में चार सौ मीटर के छह ट्रैक है और एथलेटिक्स के लिए बेहतर है। साई स्टेडियम को अपने संरक्षण में लेने से पहले विदेशी प्रशिक्षकों का दौरा करवाएगा। इसके बाद ही स्टेडियम को साई ट्रेनिंग सेंटर का दर्जा मिलेगा। साई लखनऊ के क्षेत्रीय निदेशक राजेंद्र सिंह ने कहा कि साई एक वर्ष से रांसी स्टेडियम पर विचार कर रही है और अब प्रक्रिया अंतिम चरण में है। विधायक मुकेश कोहली ने साई के अफसरों को मैदान का मुआयना करवाया। नगर पालिका अध्यक्ष यशपाल बेनाम ने रांसी की विभिन्न जानकारियां टीम को दी और रांसी को अधिग्रहीत करने की पुरजोर वकालात की। उत्तराखंड तीरदांजी संघ के महासचिव जसपाल सिंह नेगी ने बताया कि मैदान में फुटबाल, हॉकी, एथलेक्टिक्स शुरू करवाने के लिए मैदान तैयार है। इस दौरान सहायक निदेशक खेल एसके सार्की ने मैदान की पत्रावलियों का भी साई अफसरों को अवलोकन करवाया।