रेलवे स्टेशन पर लगी वेंडिंग मशीन सुविधा के बजाय यात्रियों के लिए मुसीबत बन रही हैं। अक्सर सर्वर डाउन होने और यात्रियों को मशीन ठीक से हैंडिल करना न आना भी इस समस्या की वजह है। इससे ज्यादातर समय तीनों मशीनें शो पीस बनी रहती हैं।
पिछले साल दो दिसंबर को उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक एके पुठिया के दून दौरे के वक्त रेलवे ने द्वितीय श्रेणी टिकट आरक्षण काउंटर के समीप तीन वेंडिंग मशीन लगाई थी।
सर्वर डाउन होने से अक्सर आती है टिकट लेने में दिक्कत
इन मशीनों को लगाने का उद्देश्य यह था कि यात्रियों को जनरल टिकट लेने के लिए लंबी लाइन में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। शुरूआत से इन मशीनों को लेकर दिक्कत आ रही थी।
कुछ दिन ठीक चलने के बाद दोबारा से स्थिति गड़बड़ाने लगी है। सबसे ज्यादा दिक्कत सर्वर खराब होने से आ रही है। स्टेशन अधीक्षक करतार सिंह ने बताया कि बीच-बीच में रेलकर्मी यात्रियों को मशीन को हैंडिल करने के बारे में मदद करते हैं। सर्वर की समस्या को भी दिखाया जा रहा है।
ऐसे खरीदें टिकट
जहां से जिस स्टेशन तक जाना है, स्क्रीन पर वह आप्शन क्लिक करें। स्क्रीन पर दर्शाए किराए की राशि पांच और दस रुपये के सिक्के या पांच से एक हजार रुपये तक के नोट (करारे व बिना मुड़े) मशीन में डालने पर टिकट मिलेगा।
कैश की जगह रेलवे से बने स्मार्ट कार्ड को मशीन में स्वैप करने का भी आप्शन है। सीनियर सिटीजन, विकलांग आदि श्रेणी में टिकट में छूट पाने के लिए अनुमन्य यात्रियों को मैनुअल काउंटर से ही टिकट खरीदना पड़ेगा।