उत्तराखंड कांग्रेस में व्यक्ति एक पद अनेक वाली स्थिति बनी है। यह हाल तब है, जबकि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की ओर से एक व्यक्ति के पास एक ही पद की नीति बनाई गई। इसके बावजूद कुछ कार्यकर्ता दो और इससे अधिक पद लिए हुए हैं तो कुछ के पास एक भी पद नहीं है। इससे पार्टी के भीतर घमासान मचा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी में कथनी और करनी में भी फर्क है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा था कि एक व्यक्ति एक ही पद पर रहेगा, लेकिन जिस तरह की स्थिति बनी है, इससे पार्टी की कथनी और करनी में फर्क दिखाई दे रहा है। पार्टी में कई पदाधिकारी मुख्य कार्यकारिणी, अनुषांगिक संगठन और सरकार में दायित्वधारी के पदों पर कब्जा जमाए हैं।
पार्टी में सूर्यकांत धस्माना कांग्रेस नीति नियोजन एवं विचार विभाग के प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए हैं और प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी में प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। वही ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी गो गंगा सद्भावना संगठन के प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश कार्यकारिणी में प्रदेश उपाध्यक्ष हैं।
इसी तरह रामकुमार वालिया, राजेंद्र शाह, विजय सारस्वत, कैप्टन बलवीर सिंह रावत, प्रयाग भट्ट, यामीन अंसारी, सुबोध राकेश, मास्टर सतपाल, कमलेश रमन, नजमा खान, गोदावरी थापली सहित इक्का दुक्का नहीं, बल्कि कई अन्य पदाधिकारी कांग्रेस की मेन कार्यकारिणी और परिषदों दोनों में पद संभाले हुए हैं।
एक व्यक्ति अब दो पदों पर नहीं रहेगा, कुछ पदाधिकारी दायित्वधारी भी हैं और पार्टी में महामंत्री भी बने हुए हैं, इसी महीने इन्हें दोनों में से कोई एक पद छोड़ना होगा।
- किशोर उपाध्याय, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष