निजी वाहनों के बाद अब उत्तराखंड परिवहन निगम ने भी अपनी बसों के किराये में दस फीसदी तक की बढ़ोतरी कर दी है। इसकी मुख्य वजह डीजल की कीमतों में लगातार हो रहे इजाफे को बताया गया है।
पिछले दिनों से चल रही किराया बढ़ाने की कवायद शनिवार को पूरी हो गई। विभागीय मंत्री से अनुमोदन के बाद इस बारे में आदेश जारी कर दिया गया।
घाटा झेल रहे परिवहन निगम को किराया बढ़ने से कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
इससे पहले फरवरी 2012 में रोडवेज बसों का किराया बढ़ाया गया था। इस समय रोडवेज के पास 1143 अपनी और 50 अनुबंधित बसों का बेड़ा है।
यह वृद्धि राज्य में चलने वाली की बसों के साथ यूपी, हिमाचल, हरियाणा, दिल्ली जाने वाली उत्तराखंड परिवहन निगम बसों पर भी तत्काल प्रभाव से लागू होगी।
डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। यूपी व अन्य पड़ोसी राज्य कई बार किराया बढ़ा चुके हैं। किराये में बढ़ोतरी से निगम को रोजाना पांच से छह लाख रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। इससे निगम की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। -सुरेंद्र राकेश, परिवहन मंत्री