केदारनाथ त्रासदी में लापता हुए जिले के लोगों की असल संख्या का आकंड़ा जुटा पाना पुलिस प्रशासन के लिए अबूझ पहेली बन गया है।
सात दिनों से प्रशासन को लापता हुए लोगों के सबंध में लगातार सूचानाएं मिल रही हैं। गायब लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है।
उत्तराखंड आपदा की विशेष कवरेज
गायब हुए जिले के 48 लोगों की सूची अब तक प्रशासन ने तैयार की है। इस आकडे़ की और बढ़ने की उम्मीद है। लापता लोगों की खोज खबर करने में शासन-प्रशासन की सुस्त कार्यप्रणाली पर परिजन उंगलिया उठा रहे हैं। परिजनों का कहना है कि घास फूस खाकर इंसान आखिर कितने दिन तक जिंदा रह सकता है।
परिजन हैं अंसतोष
केदार घाटी में चल रहे राहत व बचाव के कार्य पर मिसिंग लोगों के परिजन अंसतोष जता रहे हैं। समस्या से कैसे मुक्ति मिले इसके लिए लोग ज्योतिषयों के चक्कर भी काट रहे हैं। केदारनाथ क्षेत्र से चंबा ब्लॉक के सर्वाधिक 16 लोग, प्रतापनगर के 11, जौनपुर व जाखणीधार के 5-5, भिलंगना के 4 और जाखणीधार ब्लॉक के 5 लोग लापता चल रहे हैं।
चंबा के चौपड़ियाल गांव, सिलोगी व कैछू गांव से 13 सदस्यों का दल 16 जून को केदारनाथ पहुंचा था। लेकिन 13 में से अब तक सिर्फ चौपड़ियाल गांव की शशि डबराल सकुशल घर वापस लौटी हैं। घटना के आठ दिन बाद भी परिजनों के सबंध में कोई जानकारी न मिलने से लोगों में आक्रोश बढ़ाता ही जा रहा है।
इनका क्या है कहना
मेरा जीजा ढालवाला निवासी गोविंद सिंह बस चालक 16 जून को केदारनाथ यात्रियों को लेकर गए हुए थे। कही कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। प्रशासन से लगातार उसे ढूढने की गुहार लगा रहे हैं। मगर कहीं से कई जबाव नहीं मिल पा रहा है।
-दिनेश सिंह निवासी पिपली नई टिहरी
फेसबुक करेगा समस्या समाधान
केदारनाथ क्षेत्र में लापता हुए लोगों की तलाश पूरी करने के लिए पुलिस ने ईमेल योजना शुरू की है। फेसबुक पर टिहरी पुलिस लाग ऑन करने पर बिछुडे हुए लोगों के सबंध में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। गायब लोगों को ट्रेस आउट करने का काम चल रहा है।
-जन्मेजय खंडूरी, पुलिस अधीक्षक नई टिहरी