ज्योलीकोट में जलजनित रोगों से मौत और ग्रामीणों के बीमार होने के बावजूद संक्रमण पर रोक न लगने से मंगलवार को लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। ग्रामीणों और युवाओं ने मौतों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की बात कहीं।
ज्योलीकोट क्षेत्र में जल जनित रोगों से लोगों की मौत और सैकड़ों ग्रामीणों के बीमार होने के बावजूद संक्रमण पर प्रभावी रोक नहीं लगने से मंगलवार को लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और युवाओं ने एक स्वर में मौतों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने, प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने और निजी चिकित्सालयों में मरीजों के मुफ्त 1 उपचार की व्यवस्था करने की मांग उठाई।
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सुबह करीब 11 बजे जेन जी के कार्तिकेय चोपड़ा के आह्वान पर ज्योलीकोट बाजार में आयोजित सभा में क्षेत्र के विद्यालयों के कक्षा 11वीं 12वीं के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों व महिलाओं ने भाग लिया। इस दौरान संक्रमण से जान गंवाने वाली महिला और छात्र को श्रद्धांजलि दी गई।
जेन जी युवाओं ने हाथों में स्लोगन लिखीं तख्तियां लेकर जल संस्थान और व्यवस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आरोप लगाया कि क्षेत्र की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण मरीजों को इलाज के लिए हल्द्वानी के निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है, जहां इलाज का भारी खर्च वहन करना पड़ रहा है। सभा में जिपं उपाध्यक्ष देवकी बिष्ट, राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू, ग्राम प्रधान नवल कुमार, कैलाश जोशी, प्रियंका, अंशिका, समर्थ आदि थे।