हल्द्वानी, मोर्चरी में मदरसन कंपनी की कर्मचारी युवती रिमझिम आर्या की हुई मौत के बाद मुआवजे की मांग को लेकर डिप्टी लेबर कमिश्नर कमल जोशी की मध्यस्थता में कंपनी के अधिकारियों से बातचीत करते जनप्रतिनिधि।
- फोटो : अमर उजाला
हल्द्वानी के हल्दूचौड़ स्थित मदरसन कंपनी में कार्यरत रिमझिम (21) की मौत के बाद रविवार को लोगों और जनप्रतिनिधियों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मोर्चरी पर जमकर हंगामा किया। पोस्टमार्टम के बाद भी दो घंटे तक शव मोर्चरी में पड़ा रहा। श्रम विभाग और कंपनी प्रतिनिधि की मौजूदगी हुई वार्ता में मांगों पर सहमति बनने के बाद परिजन शव लेकर घर गए।
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मुखानी थानाक्षेत्र के लामाचौड़ ईसाई नगर नंबर एक निवासी रिमझिम आर्य मोटाहल्दू स्थित मदरसन कंपनी में कार्यरत थी। शनिवार को ड्यूटी के बाद वह कंपनी परिसर में अचानक बेहोश हो गई। कंपनी कर्मी उसे एसटीएच लेकर गए जहां उसकी मौत हो गई। रविवार को शव का पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी के बीच डॉक्टरों के पैनल ने किया। मोर्चरी पर पोस्टमार्टम के बीच परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। जिला पंचायत सदस्य छवि कांडपाल, कांग्रेस नेता नीरज तिवारी, भाजपा नेता प्रमोद बोरा, विपिन पांडे व परिवार के लोगों की कंपनी प्रतिनिधियों से विभिन्न मांगों पर कई बार नोंकझोंक हुई। एहतियातन सीओ हल्द्वानी अमित कुमार सैनी के साथ ही कोतवाली हल्द्वानी, मुखानी और बनभूलपुरा की फोर्स भी पहुंच गई।
मौके पर उप श्रमायुक्त कमल जोशी भी आए और कंपनी प्रतिनिधि सुभाष तिवारी से वार्ता की। परिजनों ने 25 लाख मुआवजा, परिवार के दो सदस्यों को नौकरी की मांग रखी। कंपनी अधिकतम तीन लाख मुआवजा देने पर सहमत हुई। इस पर तकरार बढ़ गई। इसी बीच शव मोर्चरी में ही पड़ा रहा। डेढ़ बजे के करीब कंपनी प्रतिनिधि ने लिखित रूप से छह लाख रुपये मुआवजा, कंपनी में पहले से कार्यरत रिमझिम की बहन को स्थायी करने, 15 वर्षीय भाई की पॉलिटेक्निक पढ़ाई का खर्च व उठाने व बालिग होने पर परमानेंट नौकरी देने व सभी देयकों का सात दिन के भीतर भुगतान करने का आश्वासन दिया। इस पर परिजन मान गए।