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अग्निपथ को लेकर बहकावे में न आएं युवा, परीक्षा देकर बनें अग्निवीर: भट्ट

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नैनीताल। केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री और सांसद अजय भट्ट का कहना है कि केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना को लेकर कुछ राजनैतिक मित्र युवाओं के बीच भ्रम पैदा कर उन्हें भड़काने का काम कर रहे हैं। यह वही राजनैतिक मित्र हैं जिन्हें सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और सीएए जैसे सरकार के फैसले अच्छे नहीं लगे। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे ऐसे लोगों के बहकावे में न आएं और अग्निवीर बनने के लिए आयोजित होने वाली परीक्षा में बढ़-चढ़कर शामिल हों।
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केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री भट्ट शुक्रवार को नैनीताल में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने अग्निपथ योजना को देश और युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार न तो किसी का हक काट रही है और न ही किसी के साथ कोई अन्याय हो रहा है। कुछ लोग हैं जिन्हें सरकार के अच्छे काम रास नहीं आते और वे बौखलाहट में उनमें बेवजह की कमियां निकालकर लोगों को भड़काकर दरार डालने का काम करते हैं। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे ऐसे किसी भी भ्रम में न आएं और अग्निवीर बनने के लिए परीक्षा दें।
कहा कि योजना का विरोध करने वालों का एक ही सवाल है कि चार साल बाद क्या करेंगे। योजना अभी शुरू होनी है लेकिन विरोधियों ने योजना को समझे बगैर ही इसका विरोध शुरू कर दिया है। हाई स्किल्ड अग्निवीरों को चार साल बाद भी लिया जाएगा और शेष अग्निवीरों के लिए उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों उन्हें पैरामिलिट्री फोर्स व अन्य संस्थानों में वरीयता देने का निर्णय लिया है। उन्होंने युवाओं और लोगों से पूछा है कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कभी कोई गलत काम किया है। योजना को लागू करने से पहले सरकार ने अमेरिका, रूस, चीन और इजराइल की सेनाओं का अध्ययन किया है। उसमें से जो सबसे उत्तम है उसे लागू किया जा रहा है। वार्ता के दौरान सांसद प्रतिनिधि गोपाल रावत, नगर मंडल अध्यक्ष आनंद बिष्ट समेत कई लोग मौजूद थे।
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-इनसेट
पहले वर्ष में 46 हजार उम्मीदवारों का होगा चयन
नैनीताल। केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने कहा कि संबंधित सैन्य अधिनियम के तहत देश के हर कोने से युवाओं को चार साल के लिए बतौर अग्निवीर भर्ती किया जाएगा। प्रयास रहेगा कि परंपरागत प्रौद्योगिकी प्रथाओं और व्यवस्थाओं का इस्तेमाल कर देश के कोने-कोने से सर्वाधिक योग्य अग्निवीरों का चयन किया जाए।
उन्होंने बताया कि योजना के पहले वर्ष में 46 हजार उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा जिनमें 40 हजार थल सेना, तीन हजार नौसेना और तीन हजार उम्मीदवार हवाई सेना के लिए चयनित होंगे। बताया कि चरणबद्ध रूप से इस संख्या में वृद्धि करते हुए चौथे वर्ष तक इसे बढ़ाकर 58 हजार 800 कर लिया जाएगा। कहा कि चार वर्ष की अवधि समाप्त होने पर यह अग्निवीर एक अनुशासित, गतिशील, अभिप्रेरित और कुशल कार्य बल के रूप में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने के लिए वापस लौटेंगे। प्रत्येक अग्निवीर के अर्जित कौशल को बतौर प्रमाणपत्र उसके परिचय में शामिल किया जाएगा जो आने वाले वर्षों में उसे लाभान्वित करेगा।
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