काठगोदाम क्षेत्र में चरस की बिक्री आम बात है लेकिन एक युवक के बेहोश होने पर पता चला है कि यहां पुलिस की नाक के नीचे नशे के कारोबारी सीआरपीएफ भर्ती के लिए आए युवाओं को उत्तेजक दवा बेच रहे हैं।
युवक दौड़ में पास होने के लिए शक्तिवर्धक नशीली दवाइयां खरीदकर खा रहे हैं। डीआईजी सीआरपीएफ चामू सिंह कठैत का कहना है कि इस मामले में कई बार युवकों को आगाह किया गया लेकिन कुछ युवक मानने के लिए तैयार नहीं हैं।
काठगोदाम में सीआरपीएफ की भर्ती चल रही है। दौड़ में पास होने के लिए कुछ युवक शक्तिवर्धक नशीली दवा के कारोबारियों से संपर्क कर रहे हैं।
नशे की दवा बेचने वाले युवकों को गुमराह कर दवा खाने के बाद दौड़ में पास होने का भरोसा दिला रहे हैं। युवक बहकावे में आकर इस दवा को खा लेते हैं।
ये दवाएं 150 रुपये से लेकर 500 रुपये में बेची जा रही हैं। डीआईजी चामू सिंह कठैत का कहना है कि इस मामले में कई बार लाउडस्पीकर से एनाउंस किया गया है, युवक फिर भी नहीं मानते हैं। सीआरपीएफ के दरोगा ने बताया कि पिछले दिनों दवा खाने के बाद उत्तेजना में एक युवक ने मारपीट की थी।