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लालफीते में लिपटे स्टेबलाइजर

Sat, 11 Apr 2015 01:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
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निगम क्षेत्र के 16 नलकूप इस गर्मी में भी स्टेबलाइजर को तरसते रहेंगे। तकनीकी कमी बताते हुए स्टेबलाइजर के लिए आए दो टेंडर निरस्त कर दिए गए हैं। विभाग अब नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा, जबकि स्टेबलाइजर के लिए टोकन मनी के अलावा कोई अतिरिक्त राशि नहीं मिली है।
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पिछले वर्ष भी एक के बाद एक ट्यूबवेल की मोटरें फुंकी थी। जून में गैरसैंण में हुए विधानसभा सत्र में मामला गूंजने पर विभागों से स्टेबलाइजर के लिए इस्टीमेट मांगे गए थे। शहर, ग्रामीण, स्वैप और सिंचाई विभाग के सभी ट्यूबवेलों में स्टेबलाइजर लगने थे। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों मेें स्टेबलाइजर लगने मेें दो करोड़ 86 लाख रुपए खर्च होने थे। नौ माह बाद शासन ने आधी राशि ही स्वीकृत की। नगर निगम क्षेत्र के 16 ट्यूबवेलों में स्टेबलाइजर के लिए महज एक करोड़ 84 लाख 80 हजार रुपए की राशि स्वीकृत हुई। टोकन मनी के रूप में 10 लाख 80 हजार रुपए दिए गए हैं जो ऊंट के मुंह में जीरे के बराबर हैं।

जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक एसके गुप्ता ने बताया कि स्टेबलाइजर के लिए टेंडर निकाले गए थे, मगर तकनीकी कमी होने के कारण टेंडर निरस्त कर दिए गए। स्टेबलाइजर के लिए दो कंपनियों ने ही आवेदन किया था, अब नए सिरे से टेंडर निकाले जाएंगे। उन्होंने बताया कि टोकन मनी के अलावा अभी शेष राशि नहीं मिली है, मगर राशि जल्द मिलने की संभावना है। प्रक्रिया पूरी होने में पूरी गर्मियां कट जाएंगी और बारिश के मौसम में स्टेबलाइजर लगने का काम पूरा होगा।
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