विकास खंड के अलचौना गांव में स्वीकृत बार को स्थायी रूप से बंद कराने की मांग को लेकर क्षेत्र की महिलाओं ने सोमवार को बार के सामने धरना-प्रदर्शन किया। महिलाओं ने संयुक्त मजिस्ट्रेट से फोन पर वार्ता कर बार को स्थायी रूप से बंद कराने के लिए की जा रही कार्रवाई के बारे में पूछा, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। तय किया गया कि महिलाएं शीघ्र ही अब मामले में डीएम से मिलेंगी।
शासन की ओर से गांव में बार की मंजूरी दिए जाने के बाद से ही क्षेत्र में इसके खिलाफ महिलाएं लामबंद हैं। स्थानीय लोगों के विरोध में पूर्व में प्रशासन ने बार को बंद कर दिया था लेकिन तीन-चार दिन पहले जैसे ही बार खुला तो फिर से महिलाएं फिर धरने पर बैठ गईं। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बार में विभाग का ताला लगा दिया था।
सोमवार को बार को स्थायी रूप से बंद करने के लिए कई महिलाओं ने एक स्वयंसेवी संगठन के बैनर तले बार के सामने धरना-प्रदर्शन किया। धरने में बैठने वालों में ग्राम प्रधान भावना वर्मा, हेमा कबड्वाल, हेमा मेहरा, शांति गिरी, हंसी बेलवाल, कमला आर्या, हेमा मेर, देवकी आर्या, कमला बेलवाल, शांति बेलवाल, लक्ष्मी, राजेश मेर, लोकेश वर्मा, संदीप कुमार आदि शामिल थे।