जंगल में घास काटने गई सात महिलाएं सोमवार को जिंदगी जीतकर ले आईं। इनमें से एक महिला को बाघ ने घायल कर दिया तो साथ की महिलाओं ने भी हिम्मत नहीं हारी। वे अपनी साथी को बचाने के लिए बाघ से भिड़ गईं और बाघ को भागने पर मजबूर कर दिया।
गंभीर रूप से घायल एक महिला को प्राथमिक इलाज के बाद हल्द्वानी रेफर किया गया है। छोई क्षेत्र के किशनपुर पड़ाव गांव वन भूमि पर बसा हुआ है। सोमवार दोपहर को गांव की सात महिलाएं घास लेने के लिए भदरगढ़ी क्षेत्र वाले जंगल में गई थीं। यह जंगल रामनगर वन प्रभाग देचौरी रेंज के बेलगढ़ बीट कक्ष संख्या तीन-बी का भाग है।
महिलाएं घास काट ही रही थीं कि बाघ ने मदन राम की पत्नी कमला आर्या पर हमला कर दिया। बाघ को अपनी साथी पर हमला करता देख प्रेमा भंडारी, झाली देवी, कमला देवी, दीपा आर्या, धर्मा देवी और विमला आर्या बाघ से उलझ गईं। 10-15 मिनट तक डंडा पीटने और शोर मचाने के बाद आखिरकार बाघ जंगल में भाग गया। बाघ के हमले में कमला आर्या का चेहरा और प्रेमा भंडारी की टांग जख्मी हो गई।
इसी बीच, गश्त करते हुए वन रक्षक भगत सिंह और वन दरोगा आरपी खुल्बे भी वहां पहुंच गए। महिलाओं को जख्मी देख उन्होंने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। मौके पर पहुंचे कोसी के रेंजर आनंद सिंह रावत ने बोलेरो से दोनों महिलाओं को सरकारी अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक इलाज के बाद कमला को हल्द्वानी रेफर कर दिया गया जबकि प्रेमा को छुट्टी दे दी गई। देचौरी के रेंजर एमपी बिजल्वाण ने बताया कि कमला के पति मदनराम को दस हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है।