स्कूल में ताला जड़ने पहुंचे अभिभावक।
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हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में प्रसव के तीसरे दिन शौचालय जाने के बाद महिला ने दम तोड़ दिया। उसका बच्चा सुरक्षित है। घटना को लेकर परिजनों ने हंगामा किया। पुलिस ने समझा-बुझाकर दोनों पक्षों को शांत कराया। मायके वाले शव का पोस्टमार्टम कराना चाहते थे लेकिन पति पोस्टमार्टम के पक्ष में नहीं था।
रामनगर के ग्राम चंद्रनगर मालधनचौड़ निवासी मनोज ने अपनी गर्भवती पत्नी नीरजा को 22 सितंबर को एसटीएच में भर्ती कराया। ऑपरेशन के बाद उसने बेटे को जन्म दिया। रविवार की रात पत्नी ने शौच करने की इच्छा जताई। ड्यूटी पर मौजूद नर्स से पूछकर पति उसे शौचालय ले गया। शौच करने के बाद महिला बेड पर आई और उसने दम तोड़ दिया।
घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा खड़ा कर दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके पांडे मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्काल अस्पताल में मेडिकल चौकी से पुलिस को बुलाया। एमएस डॉ. पांडे ने बताया कि महिला हेपेटाइटिस सी की रोगी थी। इसका इलाज चल रहा था।
शौच जाने के बाद अंदर का कुछ कण ब्रेन पर असर कर गया। इसी कारण उसकी मौत हो गई। पति जम्मू कश्मीर स्थित एक प्राइवेट फर्म में नौकरी करता है। उसका कहना था कि 26 अप्रैल 16 में उसकी शादी हुई थी। पहले बच्चे को जन्म देने के बाद पत्नी नहीं रही। घटना के बाद मायके वाले पोस्टमार्टम के लिए दबाव बनाने लगे जबकि पति पोस्टमार्टम के पक्ष में नहीं था। एमएस के निर्देश पर पुलिस पोस्टमार्टम कराने के लिए शव को मोर्चरी ले गई।