अग्निशमन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि व्यवसायी संजय अरोड़ा ने बेसमेंट में गोदाम बनाने के लिए मानकों को पूरा नहीं किया था। इसी प्रकार शहर में सैकड़ों गोदाम बगैर अनापत्ति प्रमाण पत्र के बनाए गए हैं। तीन दिन के भीतर गोदाम में आग लगने की यह दूसरी घटना है।
सीएफओ संजीवा कुमार ने बताया कि शहर के रिहायशी इलाकों में गोदाम बनाने के लिए व्यवसायियों को कई मानकों का ध्यान रखना चाहिए। व्यवसायी संजय ने भी अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं लिया था। गोदाम में आग बुझाने के उपकरण नहीं लगाए गए थे।
इससे पहले रामपुर रोड हिमालया फार्म में एक गोदाम में भी आग लगी थी। इस गोदाम में सामान ठूंस ठूंस कर भरा गया था लेकिन आग बुझाने के उपकरण नहीं लगे थे। इसी प्रकार शहर के कई नामचीन व्यवसायियों ने गोदाम बनाने के लिए मानकों का ध्यान नहीं दिया है। इसी प्रकार कई टेंट हाउस के गोदाम भी बिना मानक के बने हैं। सीएफओ ने इस मामले में शिकायत मिलने पर जांच करायी जाएगी। जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी और एसएसपी को भेजी जाएगी।
स्कूलों और होटलों की भी होगी जांच
एफएसओ इंद्रजीत आर्या ने बताया कि शहर के स्कूलों ने सुरक्षा मानकों के अनुसार अग्नि शमन यंत्र लगाए हैं या नहीं। इस मामले में शीघ्र ही जांच की जाएगी। इसी प्रकार होटलों और अन्य संस्थाओं की जांच शुरू की जाएगी। क्योंकि गर्मी के दिनों में अब आग की घटनाएं बढ़ेगी।