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जनजीवन पटरी पर लौटने के साथ ही प्रदूषण की रफ्तार भी बढ़ी

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प्रतीकात्मक।
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हल्द्वानी। चरणबद्ध तरीके से अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के बाद शहर में प्रदूषण की मात्रा में धीरे-धीरे इजाफा होता जा रहा है। कोरोना के चलते लागू लॉकडाउन के दौरान अप्रैल में प्रदूषण का स्तर जहां 68.66 पीएम10 तक आ गया था, वहीं सितंबर में 115.23 पीएम10 तक जा पहुंचा है।
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देश में कोरोना की दस्तक के बाद मार्च में प्रधानमंत्री मोदी ने पूरे देश में लॉकडाउन लगाया था। इससे व्यावसायिक, औद्योगिक गतिविधियां पूरी तरह बंद हो गई थीं। इससे जहां लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा वहीं यह लॉकडाउन प्रदूषण में कमी के लिए मुफीद साबित हुआ। दो माह के बाद ही अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होते ही प्रदूषण की मात्रा बढ़ती गई। अब अनलॉक-5 के साथ ही प्रदूषण अपने मानक से अधिक हो गया है। जून में जहां हल्द्वानी में 106.32 पीएम 10 (पार्टिकुलेट मैटर) रहा वहीं जुलाई में यह 105.89 पीएम 10 हो गया। अगस्त में यह बढ़कर 110.74 पीएम 10 हो गया, जबकि सितंबर में यह करीब 115.25 पीएम 10 पर पहुंच गया। ठीक इसी प्रकार सल्फर डाईऑक्साइड और नाइट्रोजन डाईऑक्साइड में भी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।
वर्ष 2019 की तुलना में वर्ष 2020 में अप्रैल-मई में कम रहा प्रदूषण
हल्द्वानी। वर्ष 2019 की तुलना में वर्ष 2020 में अप्रैल-मई में प्रदूषण में भारी कमी आई। कोरोना के दौरान इस अवधि में लगे लॉकडाउन से प्रदूषण मानक 100 पीएम10 से नीचे रहा। बीते वर्ष 2019 में अप्रैल में 107.43 पीएम10 और मई में 107.94 पीएम 10 प्रदूषण की स्थिति रही तो वहीं कोरोना काल में 2020 मार्च के अंतिम सप्ताह में पूरे देश में लगे लॉकडाउन से हल्द्वानी में अप्रैल में 68.66 पीएम10 एवं मई में 92.01 पीएम10 प्रदूषण मापा गया।
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चरणबद्ध लॉकडाउन में ढील देने के साथ ही प्रदूषण में भी इजाफा हो रहा है। बढ़ते यातायात से शहर में प्रदूषण की स्थिति बढ़ रही है। प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के साथ-साथ लोगों का जागरूक होना भी जरूरी है।
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- डॉ. आरके चतुर्वेदी, क्षेत्रीय अधिकारी पीसीबी, हल्द्वानी
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