उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी की मांगों की अनदेखी की गई तो सरकार की सद्बुद्धि के लिए गंगा तट पर महायज्ञ किया जाएगा। यह बात आंदोलनकारियों के सातवें प्रादेशिक सम्मेलन में वक्ताओं ने कही। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ ब्लाक प्रमुख संजय नेगी ने मां सरस्वती के समक्ष दीप जलाकर किया।
नगरपालिका ऑडिटोरियम हॉल में हुए सम्मेलन में तय हुआ कि यदि सरकार ने आंदोलनकारियों की मांगों को एक सितंबर तक पूरा नहीं किया तो गैरसैंण में 25 अगस्त से आंदोलनकारी धरना-प्रदर्शन, कर्मिक अनशन और भूख हड़ताल करेंगे।
साथ ही, 15 जुलाई को पिथौरागढ़ में आंदोलनकारी प्रतिनिधियों का महापंचायत आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया। आंदोलनकारियों ने 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने, चिह्नित आंदोलनकारियों को एक समान सम्मान पेंशन देने की मांग की है।
ऐसा न होने पर उन्होंने सरकार की सद्बुद्धि के लिए हरिद्वार गंगा तट के किनारे महायज्ञ करने का ऐलान किया है। इस दौरान राज्य आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी के हमलावरों को गिरफ्तार करने की भी मांग की गई।
सम्मेलन में चिह्नित उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी समिति के अध्यक्ष जेपी पांडे, डा. अमर सिंह, धरमपाल भारती, पीसी जोशी, पीतांबरी रावत, भूपेंद्र सिंह रावत, नवीन नैथानी, प्रभात ध्यानी, बीएस मनराल, थलेश्वर कुकरेती, चंद्रशेखर पंत, जगदीश चंद्र, नवीनकांडपाल, चंद्रावती गौण, सरिता गौण, नरेंद्र गुसाई आदि मौजूद थे।