विंटर कार्निवाल के दूसरे दिन फ्लैट्स में बने मुख्य मंच में कुमाऊंनी गीतों के साथ ही हिंदी, भोजपुरी और नेपाली गीतों के बोल पर दर्शक थिरकते नजर आए। शनिवार की देर रात तक चले कार्निवाल धमाल में मुख्य आकर्षण वाइस आफ इंडिया के विजेता रहे पवनदीप राजन और फाइनलिस्ट आफ फेम गुरुकुल की मोना भट्ट के अलावा ज्योतिदीप राजन ने भी अपने सुरों के जलवे बिखेरे।
देर सांय गायकी की शुरुआत मूल रूप से चंपावत निवासी पवनदीप राजन ने गीत हमारी अधूरी कहानी से की। उसके बाद उन्होंने एक के बाद एक कर वो दबी सी यादें बांकी हैं, बद्री केदार यति पंच प्रयाग, मेरो जन्म भूमि मेरो पहाड़ा, जब सांसों में तेरी सांसें खुली तो, ना सीखा मैने जीना तेरे बिना, अपने रूठे पराये रूठे ना रूठे तो खुद भी रूठे, ओ रे मनवा तू तो बावरा है, आज फिर तुम पे प्यार आया है, कभी जो बादल बरसे, तो से नैना जब से मिले, आजा तुझको पुकारे मेरा प्यारी परछाईयां, मेरी सुबह हो तुम्ही शाम हो तुम्ही, धूप से निकलकर छाव से फिसलकर और रंग के तू गेहूंवा जैसे गीत गाकर खूब वाहवाही लूटी।
फिर बारी आई फाइनलिस्ट आफ फेम गुरुकुल मोना भट्ट की। मोना भट्ट के मंच पर आते ही दर्शकों ने तालियों से उनका स्वागत किया। मोना ने अपने गीत की शुरुआत सुन रहा है ना तू-रो रही हूं मैं से की। उसके बाद मोना ने प्रेम रतन धन पायो और मेरे डोलना-मेरे प्यार की धुन जैसे गीत सुनाकर तालियां बटोरी।
पवनदीप की बहन ज्योति दीप राजन भी गायकी को फ्लैट्स पर बने मुख्य मंच में पहुंची। ज्योतिदीप ने नेपाली गीत नेपाल की छोरी हूं मैं और भोजपुरी गीत जो लगावे होठों पर लिपिस्टिक जैसे गीत सुनाए।
इसके अलावा गौरव थापा ने तेरे लिए दुनिया छोड़ दी मैने और सोनल प्रधान ने यादों ही यादों में गीत सुनाकर लोगों को मंत्रमुग्ध किया। देर रात तक खबर लिखे जाने तक मुख्य मंच में दूर दराज से आए कलाकारों की गायकी का अंदाज जारी था। इस मौके पर संसदीय सचिव विधायक सरिता आर्या, जिला पंचायत अध्यक्ष सुमित्रा प्रसाद समेत जिलाधिकारी दीपक रावत, एसएसपी स्वीटी अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
विंटर कार्निवाल में शनिवार को वाइस आफ इंडिया के विजेता रहे पवनदीप का पूरा परिवार नजर आया। मंच पर आए उनके पिता सुरेश राजन ने कहा कि पवनदीप को इस ऊंचाई तक पहुंचाने में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया का अहम रोल रहा है। कार्निवाल के मंच से उन्होंने इसके लिए प्रिंट और इलेक्ट्रानिक का धन्यवाद ज्ञापित किया।
विंटर कार्निवाल के दौरान शनिवार को सरोवर नगरी में पवनदीप राजन ही नहीं बल्कि उनका पूरा परिवार मौजूद रहा। उनके पिता सुरेश राजन के अलावा मां सरोज राजन, भाई अरुण राजन और बहन ज्योतिदीप राजन ने भी कार्निवाल में आयोजित गीत संगीत का आनंद लिया। यही नहीं ज्योतिराजन ने तो गायकी का जलवा बिखेरकर खूब तालियां बटोरी।