मुखानी क्षेत्र की जमीनों का रिकार्ड भी जल्द ही एक क्लिक पर उपलब्ध हो सकेगा। मुखानी बंदोबस्त का भू-अभिलेख को तहसील राजस्व में दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बंदोबस्त के पटवारियों के बस्ते जमा हो गए हैं, जिससे वर्तमान में मुखानी क्षेत्र की जमीनों के बैनामा, दाखिल-खारिज और मकान बनाने के लिए नक्शा स्वीकृत नहीं हो रहे हैं। तहसील के राजस्व में रिकार्ड दर्ज होने के बाद लोगों को बंदोबस्त के लेखपालों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल जाएगी। जमीनों का सभी रिकार्ड कंप्यूटराइज्ड हो जाएगा।
हल्द्वानी तहसील क्षेत्र में 212 गांव दर्ज हैं, इनमें मुखानी, कुसुमखेड़ा, तल्ली बमोरी, मल्ली बमोरी, गौजाजाली उत्तर को छोड़कर बाकी सभी गांवों के भू-अभिलेख का सभी रिकार्ड तहसील राजस्व में कंप्यूटराइज्ड और आनलाइन है। इससे जमीनों की खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी की संभावना कम रह जाती है। जरूरतमंद व्यक्ति कभी भी तहसील या फिर आनलाइन जमीन संबंधी रिकार्ड चेक कर सकता है, लेकिन मुखानी, कुसुमखेड़ा, तल्ली बमोरी, मल्ली बमोरी और गौजाजाली उत्तर का भू-अभिलेख अब तक बंदोबस्त में शामिल हैं।
बंदोबस्त का रिकार्ड राजस्व तहसील में नहीं बल्कि सर्वे नायब तहसीलदार के पास रहता है। रिकार्ड मैनुअल है, जिसमें फर्जीबाड़े की संभावना अधिक होती है। जरूरतमंदों को जमीन का बैनामा या फिर खसरा-खतौनी की प्रति लेने के लिए सर्वे नायब तहसीलदार के चक्कर काटने पड़ते हैं। बंदोबस्त में मैनुअल दस्तावेज देने में मोटी रिश्वत ली जाती है, जिसकी शिकायत लगातार बढ़ रही है।
अब जिलाधिकारी दीपक रावत ने बंदोबस्त गांवों का भू-रिकार्ड तहसील राजस्व में दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। इसके बाद ही मुखानी बंदोबस्त का रिकार्ड दुरुस्त करने का काम चल रहा है। बंदोबस्त के पटवारियों के बस्ते जमा हैं, जिससे बैनामा, दाखिल-खारिज और नक्शे स्वीकृत नहीं हो रहे हैं। छह माह के भीतर बंदोबस्त का रिकार्ड तहसील राजस्व में दर्ज होना है। मुखानी के बाद फिर बाकी बंदोबस्त गांवों का रिकार्ड भी तहसील राजस्व में दर्ज करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
तहसील राजस्व रिकार्ड के बाद फायदे
दाखिल खारिज की कंप्यूटराइज्ड प्रतिलिपि मिलेगी।
कंप्यूटराइज प्रतिलिपि लेने में निर्धारित सरकारी शुल्क।
बंदोबस्त के पटवारियों के चक्कर काटने से मुक्ति।
मैनुअल अभिलेखों में धोखाधड़ी की संभावना कम।
ऑनलाइन बैनामा देखने की सुविधा होगी।