एक डाक्टर समेत चार अन्य लोगों के खिलाफ निलंबन की संस्तुति डीएम की आख्या के बाद होगी। मौखिक आदेश या निर्देश पर कार्रवाई नहीं हुआ करती। पांच लोगों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति के लिए सीएमएस को जिलाधिकारी के लिखित आदेश का इंतजार है।
डीएम दीपक रावत ने बृहस्पतिवार को बेस अस्पताल में छापा मारा था। इस दौरान डा. प्रदीप पांडे, टेक्नीशियन संजय कुमार श्रीवास्तव, एसएन त्रिपाठी, औषधि वितरक पवन कुमार पांडे, कृष्ण सिंह गढ़िया के निलंबन की संस्तुति शासन से करने के निर्देश बेस अस्पताल के सीएमएस डा. एससी पंत को दिए। सीएमएस ने कहा कि मौखिक आदेश या निर्देश पर कार्रवाई नहीं होती है। डीएम कार्यालय से आख्या आने के बाद ही किसी भी डाक्टर या कर्मचारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। अब सवाल यह है कि क्या जिलाधिकारी के निर्देश या मौखिक आदेश कोई मायने नहीं रखते हैं।
आर्थोपेडिक सर्जन ने दिया त्यागपत्र के लिए नोटिस
बेस अस्पताल के आर्थोपेडिक सर्जन डा. प्रदीप पांडे ने त्याग पत्र के लिए नोटिस दे दिया है। डा. पांडे ने बताया कि छापे के दौरान जिलाधिकारी ने उनका पक्ष नहीं सुना और भ्रष्ट होने के तमाम आरोप लगा दिए। उन्होंने बताया कि त्यागपत्र देने की एक प्रक्रिया होती है और तीन माह पहले नोटिस देना पड़ता है। उसी क्रम में सीएमएस को नोटिस दे दिया है।