ग्रीन हल्द्वानी क्लीन हल्द्वानी का सपना जल्द ही साकार होने वाला है। नगर निगम क्षेत्र में आउटसोर्सिंग से डोर टू डोर कूड़ा उठवाया जाएगा। हर वार्ड में कूड़ा गाड़ियां घूमेंगी। संकरी गलियों में गाड़ियां नहीं घुसने पर साइकिल और रिक्शा से कूड़ा उठवाकर नजदीकी डंपिंग यार्ड में फेंका जाएगा। 20 अप्रैल को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (एसवीएम) प्रोजेक्ट की एक्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में शहर को साफ सुथरा बनाने के लिए खाका तैयार होगा।
एसवीएम प्रोजेक्ट में हल्द्वानी के अलावा भीमताल, लालकुआं, किच्छा और रुद्रपुर नगर निकाय शामिल हैं। प्रोजेक्ट भारत सरकार का है। इसके लिए 34 करोड़ 91 लाख रुपये स्वीकृत हैं। अकेले हल्द्वानी नगर निगम के लिए 15 करोड़ 91 लाख रुपये हैं, जिसमें 8 करोड़ 50 लाख रुपये नगर निगम के एकाउंट में ट्रांसफर हो गए हैं।
एसवीएम प्रोजेक्ट की गवर्निंग कमेटी के बाद अब 20 अप्रैल को एक्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक होनी है। बैठक हल्द्वानी नगर निगम में होगी, जिसमें पांचों नगर निकायों के अधिकारी अधिकारी मौजूद रहेंगे। प्रोजेक्ट का मकसद शहर को साफ सुथरा बनाना है। इसके लिए डोर टू डोर कूड़ा उठवाया जाएगा। 25 वार्डों में 25 हजार घरों से कूड़ा उठवाया जाएगा। कूड़ा उठाने के लिए 25 गाड़ियां, साइकिल, रिक्शा कॉम्पेक्टर, जैविक-अजैविक कूड़े के लिए अलग-अलग रंगों के कूड़ेदान एवं उपकरणों की खरीद की जाएगी। कूड़ा गाड़ियां वार्डों में घूमेंगी। गाड़ियां चलाने के लिए 25 ड्राइवर और 25 सफाई कर्मी उपनल के माध्यम से भर्ती होंगे।
कोट
आउटसोर्सिंग कर्मियों के वेतन का खर्च यूजर चार्ज से दिया जाएगा। डोर टू डोर कूड़ा उठाने के लिए नगर निगम हर घर से यूजर चार्ज लेगा। इसमें मलिन बस्तियों से 30 रुपये और बाकी कॉलोनियों से 40 रुपये प्रतिमाह यूजर चार्ज लिया जाएगा। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से यूजर चार्ज अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया है। - जोगेंद्र सिंह रौतेला, मेयर हल्द्वानी।