तराई के जंगल में निगरानी के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। जंगल की सुरक्षा के लिए बीएसएनएल के सहयोग से आनलाइन लाइव मानीटरिंग की योजना बनाई गई है। इसके तहत जंगल में लीज लाइन डालकर कैमरों से जोड़ दिया जाएगा। इससे पूर्व वन विभाग ने हाथी गलियारा में एक निजी कंपनी के मोबाइल कनेक्शन के जरिए इसका ट्रायल भी किया था।
अब तक वन विभाग जंगल में सुरक्षा के लिए रूटीन गश्त, चौकसी से लेकर वाच टावर लगाता रहा है, लेकिन अब 24 घंटे बिना जंगल जाए भी नजर रखने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लेने की योजना बनाई है। इसके तहत रामनगर वन प्रभाग के अधीन पवलगढ़ टाइगर कंजरवेशन रिजर्व में लाइव मानीटरिंग की जाएगी। इसके लिए बीएसएनएल इंटरनेट की त्वरित एवं बेहतर सुविधा देने को लीज (स्पेशल) लाइन जंगल में डालेगा। इसकी सहमति बन गई है। लीज लाइन को कैमरे से जोड़ने के बाद अधिकारी मोबाइल, लैपटॉप आदि के जरिए कभी भी और कहीं भी जंगल पर नजर रख सकेंगे।
वन संरक्षक पश्चिम वृत्त सुरेंद्र मेहरा कहते हैं कि जंगल में सांदनी, हाथी गलियारा आदि जगहों का चयन किया गया है। विभाग ने एक निजी कंपनी के मोबाइल कनेक्शन से इसका ट्रायल भी किया था। अब बीएसएनएल के सहयोग से लीज लाइन डाली जाएगी।
बीएसएनएल के एजीएम एलएम जोशी कहते हैं कि वन विभाग ने आनलाइन मानीटरिंग के लिए पवलगढ़ टाइगर कंजरवेशन रिजर्व में लीज लाइन लगाने की योजना बनाई है। इसके लिए सर्वे का काम पूरा हो गया है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर जंगल में रूट तय कर ओएफसी डाली जाएगी। वन विभाग रामनगर, नैनीताल, हल्द्वानी जहां पर चाहेगा, वहां पर कंट्रोल रूप की सुविधा प्रदान कर दी जाएगी।