कुमाऊं विवि के अंतर्गत स्थापित महादेवी वर्मा सृजन पीठ कार्यकारिणी की बैठक रविवार को कुलपति प्रो. होशियार सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई। इसमें पीठ के कार्यक्रमों के वार्षिक कैलेंडर, बजट समेत अन्य कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
कार्यकारिणी ने 10 से 14 जून 2015 तक मिथक, फैंटेसी और यथार्थ शीर्षक से आयोजित की जाने वाली कुमाऊं की अकादमिक यात्रा के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। यात्रा में 26 रचनाकार और शोधार्थी प्रतिभाग करेंगे। इस कथा यात्रा में पहाड़ के सांस्कृतिक पक्षों पर व्यापक चर्चा होगी। चौकोड़ी, मुनस्यारी और पिथौरागढ़ यात्रा के मुख्य पड़ाव होंगे।
कार्यकारिणी ने संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की संग्रहालय अनुदान योजना के तहत पीठ में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए 4.5 करोड़ रुपए के प्रस्तावों को मंजूरी दी। जिसमें संग्रहालय भवन मीरा कुटीर के जीर्णोद्धार, आंतरिक साज-सज्जा, कला दीर्घा, मिनी आडिटोरियम का निर्माण शामिल है। पीठ निदेशक प्रो.देव सिंह पोखरिया ने बताया कि प्रस्ताव को मंत्रालय ने जिला और क्षेत्रीय संग्रहालय की स्थापना एवं विकास योजना के तहत पंजीकृत किया है।
पीठ के कार्यक्रमों के वार्षिक कैलेंडर में महादेवी वर्मा, सुमित्रा नंदन पंत, प्रेम चंद, चंद्रकुंवर बर्त्वाल, शैलेश मटियानी, इलाचंद्र जोशी आदि मुख्य हिंदी साहित्यकारों के साथ कुमाऊंनी के प्रमुख रचनाकारों गुमानी, मोहन सिंह रीठागाड़ी, शेरदा अनपढ़, गिर्दा आदि की स्मृति में भी कार्यक्रम आयोजित कराने का फैसला लिया गया। पीठ ने आयोजित कार्यक्रम व कार्यालयी रखरखाव के मद में 12 लाख रुपए के वार्षिक बजट को पीठ कार्यकारिणी ने मंजूरी दी। कार्यकारिणी ने पूर्व में प्रस्तावित निर्माण कार्यों को तीन माह में पूरा करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा सृजन पीठ पर वृत्त चित्र के निर्माण, पीठ के कार्यकलापों को विवि की वेबसाइट से लिंक करने, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विवि वर्धा से हिंदी भाषा एवं साहित्य में शिक्षण, शोध एवं प्रसार तथा साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के मकसद से हुए समझौते को दोनों विवि के मध्य परस्पर सहमति से आगामी तीन वर्षों के लिए विस्तारित करने, पीठ के पुस्तकालय में इंटरनेट से पुस्तकें डाउनलोड करने की सुविधा विकसित करने और आगामी तीन वर्षों के लिए पीठ कार्यकारिणी के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई।
बैठक में पीठ कार्यकारिणी में साहित्यकार पंकज बिष्ट, गीता गैरोला सहित विवि कार्य परिषद सदस्य प्रकाश चंद्र पांडे को शामिल किया गया। राष्ट्रीय स्तर पर दो अन्य साहित्यकारों के चयन के लिए पीठ निदेशक प्रो. डीएस पोखरिया को नामित किया गया। प्रशासनिक भवन में हुई बैठक में महिला समाख्या की राज्य परियोजना निदेशक गीता गैरोला, कार्य परिषद सदस्य प्रकाश चंद्र पांडे, पूर्व निदेशक प्रो.एलएस बिष्ट बटरोही, हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो.एसएस बिष्ट, उप कुलसचिव दिनेश चंद्र, सहायक कुलसचिव एनएस रजवार, सहायक अभियंता संजय पंत, शोध अधिकारी मोहन सिंह रावत व प्रो.पदम सिंह बिष्ट मौजूद थे।