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कोर्ट के आदेश के बाद भी अभी तक आदेश का पालन क्यों नही हुआ: हाईकोर्ट

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नैनीताल। हाईकोर्ट ने विपिन चंद्र त्रिपाठी इंजीनियरिंग कॉलेज द्वाराहाट में हुई वित्तीय अनियमितताओं के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद अपर मुख्य सचिव तकनीकी को 13 दिसंबर तक यह बताने को कहा है कि कोर्ट के आदेश होने के बाद भी आदेश का पालन क्यों नहीं हुआ। कोर्ट ने राज्य सरकार, चेयरमैन इंजीनियिंग कॉलेज, प्रोफेसर मनोज कुमार पांडा, कविता नबियाल, वीएम मिश्रा, डीएम अल्मोड़ा, वीसी उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी, अजीत सिंह, केएस वैशला और विशाल कुमार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान और न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। द्वाराहाट निवासी राज्य आंदोलनकारी चंदन सिंह नेगी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि कॉलेज बनाने के लिए उन्होंने अपनी भूमि दान में दी थी। पिछले कुछ समय से इंजीनियरिंग कॉलेज में स्टाफ की ओर से सरकारी कागजातों में हेराफेरी, नियुक्तियों में गड़बड़ी व धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। इस संबंध में उन्होंने पूर्व में सरकार को प्रत्यावेदन दिया था जिस पर कोई कोई कार्यवाही नहीं हुई।
21 दिसंबर 2020 को कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव तकनीकी को निर्देश दिए थे कि उनके प्रत्यावेदन को निस्तारित करें लेकिन सचिव ने उनके प्रत्यावेदन का निपटारा न कर अलग से एक आदेश जारी कर कहा कि मामले की जांच के लिए उन्होंने एक कमेटी गठित कर दी है और कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही इस प्रत्यावेदन का निपटारा करेंगे। याचिकाकर्ता का कहना था कि 11 महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक न तो जांच की गई और न ही उनके प्रत्यावेदन का निस्तारण किया गया।
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