रोडवेज में जांच के नाम पर अंधेरगर्दी चल रही है। 25 फरवरी को चलती इंटरसिटी बस के पहिए निकल गए। इसके बाद दो अलग-अलग टीमों को जांच कर एक सप्ताह में देने के निर्देश आरएम ने दिए। अब आरएम को ही पता नहीं है कि जांच रिपोर्ट कहां है। ऐसे में विभाग में स्थिति क्या होगी, खुद ही समझा जा सकता है।
रोडवेज के हाल खराब हैं। परिवहन निगम के ड्राइवर शराब पीकर बस दौड़ाने के साथ ही महिला यात्रियों के साथ छेड़खानी तक कर रहे हैं। फिटनेस फेल बसों को दौड़ा कर यात्रियों की सुरक्षा से भी खिलवाड़ किया जा रहा है। अब मामले से सबक लेने और दोषी कर्मियों पर कार्रवाई करने की भी बात अफसरों में नहीं है। 15 दिन पहले हल्द्वानी से रुद्रपुर जा रही इंटरसिटी बस के पहिए निकल गए।
आरएम आरके यादव ने जेएनएनआरयूएम और एआरएम तकनीक के निर्देशन में दो अलग-अलग टीम बनाकर जांच की बात कही। दावा किया गया है कि एक सप्ताह में रिपोर्ट आ जाएगी। फिर बताया गया कि होली के चलते जांच पूरी नहीं हो पाई। अब अफसरों को पता नहीं है कि रिपोर्ट कहां है। एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने का खेल चल रहा है। आरएम आरके यादव के अनुसार जांच रिपोर्ट के बारे में आरएम तकनीकी ही बता सकते हैं।