बसपा सुप्रीमो मायावती के करीबी के पुत्र करनदीप उर्फ केडी की मौत को पुलिस आत्महत्या मान रही है, लेकिन केडी के दोस्तों को यकीन ही नहीं हो रहा कि चंचल स्वभाव का उनका दोस्त आत्महत्या जैसा कदम उठा सकता है! सभी के मन में बस एक ही सवाल है कि आखिर ऐसी कौन सी बात थी जो उसने इतना बड़ा कदम उठा लिया।
केडी के आवास विकास निवासी करीबी दोस्त दाऊद ने बताया केडी बृहस्पतिवार को रामलीला मैदान में मिला था। लंगर छकने के बाद उसने शाम को पांच बजे मिलने का वादा किया था। इसके बाद वह चौधरी कॉलोनी में अपनी नानी के घर चला गया।
दाऊद के मुताबिक दोनों का ट्यूशन टाइम एक ही था, लेकिन दोनों अलग-अलग जगह पढ़ते थे। शाम को ट्यूशन के लिए केडी तय समय पर नहीं आया तो वह अकेले ही ट्यूशन पढ़ने चला गया। शाम पांच बजे ट्यूशन से छूटने के बाद 5:10 बजे दाऊद ने जब केडी को फोन किया तो उसका फोन रिसीव नहीं हुआ।
इस पर उसने केडी के ट्यूटर को फोन किया तो पता चला कि वह ट्यूशन पढ़ने ही नहीं आया। इसके बाद रात में उसकी मम्मी का फोन आया तो पता चला कि उसकी मौत हो गई है। बकौल दाऊद उसे विश्वास नहीं है कि केडी आत्महत्या जैसा कदम भी उठा सकता है। वह हंसमुख और चंचल स्वभाव का लड़का था। किसी तनाव में होता तो वह उससे जरूर शेयर करता।
केडी के एक अन्य दोस्त बबनीत सिंह उर्फ बिन्नी ने बताया कि दिन में वह ठंडी सड़क पर कार चलाते हुए मिला था। बाद में उसने बड़े भाई गगन से अपना कैमरा भी ठीक कराया था। बिन्नी के मुताबिक केडी को राइडिंग का शौक था।
दिन में उसने दोस्तों के साथ ही लंगर भी छका, लेकिन वह किसी तनाव में था, ऐसा तो बिलकुल नहीं लगा। उसके पिता ने उसे कार गिफ्ट की थी और एक बाइक भी उसके पास है। इसके अलावा वह एक और महंगी बाइक लेने वाला था।