जनता की सुविधा के लिए विभिन्न विभागों ने कंट्रोल रूम नंबर, टोल फ्री नंबर और हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। संस्थानों के भी अपने नंबर हैं। इन नंबरों को जारी करने का मकसद यह है कि जरूरत के समय जनता कॉल करे और उसकी समस्या का समाधान हो सके। लेकिन कई विभागों के नंबरों का जनता को फायदा नहीं मिल रहा है। लोग बड़ी उम्मीद से फोन करते हैं मगर कहीं घंटी बजती रहती है तो कहीं जनता को रिस्पांस नहीं मिलता। रविवार को फोन नंबरों के सच को जानने का प्रयास किया गया तो हल्द्वानी के दो बड़े अस्पताल एसटीएच और बेस में किसी ने फोन नहीं उठाया। महिला हेल्पलाइन के नंबर 1090 पर घंटी गई मगर किसी ने नहीं उठाया उठा। हालांकि वन विभाग, काठगोदाम रेलवे स्टेशन, स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल रूम का नंबर रिसीव हुआ और कर्मचारियों ने सवालों का जवाब भी दिया।
बेस और एसटीएच
कुमाऊं का सबसे बड़ा सुशीला तिवारी अस्पताल है। यहां के जारी नंबर पर दोपहर करीब 3:15 और शाम छह बजे फोन मिलाया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। मेडिकल कालेज का नंबर भी मिला गया, वहां भी फोन रिसीव नहीं हुआ। बेस अस्पताल के नंबर में दोपहर 2:51 पर कई बार फोन मिलाया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ।
नगर निगम
नगर निगम ने टोल फ्री नंबर जारी किया है। इस नंबर पर घंटी जाती रही लेकिन फोन नहीं उठा। नगर आयुक्त सीएस मर्तोलिया का कहना है कि अवकाश के दिन को छोड़कर टोल फ्री नंबर पर 10 से 5 बजे व्यक्ति अपनी समस्या आदि बता सकता है।
वन विभाग
तराई पूर्वी वन प्रभाग के कार्यालय में जंगलात ने कंट्रोल रूम बनाने के साथ टोल फ्री नंबर जारी किया है। जहां पर वनाग्नि आदि की सूचना दी जा सकती है। यहां पर 12:35 पर नंबर पर मिलाने पर कर्मचारी ने फोन उठाया और सवालों का जवाब दिया।
रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड
काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर तीन बजे और रोडवेज बस स्टैंड के जारी नंबर पर चार बजे रिस्पांस ठीक रहा। दोनों जगह पर कर्मचारी ने ट्रेन और बसों के संचालन से जुड़ी जानकारी मांगी गई, तो उन्होंने विस्तार से बताया।
स्वास्थ्य विभाग
स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना के मद्देनजर कंट्रोल रूम बनाया हुआ है। कंट्रोल रूम का नंबर मिलाने पर कर्मचारी से जानकारी मांगी, जिसका जवाब कर्मी ने दिया।
नैनीताल और रामनगर की स्थित बेहतर
नैनीताल और रामनगर में कर्मचारी मुस्तैद मिले। रविवार को दोपहर एक बजकर तीन मिनट पर बीडी पांडे अस्पताल के कंट्रोल रूम में फोन किया। वहां तैनात कर्मचारी ने फोन रिसीव करने के बाद पूछा कि आपकी क्या मदद कर सकता हूं। एक बजकर 15 मिनट में रैमजे अस्पताल में फोन किया गया। वहां भी फोन उठा, साथ ही बात भी हुई। जल संस्थान के कंट्रोल रूम में एक बजकर 20 मिनट में फोन किया। एक दो बेल बजने के बाद वहां भी फोन रिसीव हो गया। विद्युत विभाग और फायर स्टेशन में भी क्रमश: पौने दो बजे और दो बजे फोन किया गया तो संबंधित कर्मचारियों ने फोन रिसीव कर परेशानी जाननी चाही। रामनगर में फायर बिग्रेड में फोन किया गया तो कर्मचारी ने फोन रिसीव करने के साथ तत्काल पूछा की कहां पर आग लगी है।