छड़ायल सुयाल माननीयों का गांव है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और उत्तराखंड के मौजूदा कैबिनेट मंत्री समेत पार्टी के पूर्व अध्यक्ष इसी गांव में रहते हैं। फार्म नंबर तीन से गांव को जोड़ने वाली लिंक सड़क खस्ता हाल में है। सड़क कई जगहों पर खोखली हो गई है। अनगिनत गड्ढे मौत को दावत दे रहे हैं।
पुलिया का चौड़ीकरण तो दूर पैराफिट तक नहीं बने हैं। इसी सड़क से स्कूल की बसें और दर्जनों कालोनियों के लिए वाहनों की आवाजाही होती है। रकसिया नाले की सुरक्षा दीवार का कई जगहों पर कटाव होने से सड़क कभी भी भरभराकर नाले में समा सकती है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है।
फार्म नंबर तीन से बिड़ला स्कूल तक का संपर्क मार्ग रकसिया नाले से सटकर बना है। करीब डेढ़ किमी की इस सड़क से छड़ायल सुयाल में रहने वाले कई बड़े वीआईपी रोजाना काफिले के साथ गुजरते हैं। फार्म नंबर तीन से संपर्क मार्ग को जोड़ने के लिए रकसिया नाले पर संकरी पुलिया है।
इसी पुलिया से आरटीओ रोड, छड़ायल सुयाल गांव और फार्म नंबर होते हुए धानमिल और पीलीकोठी के लिए वाहनों की आवाजाही होती है। पुलिया के दोनों तरफ सुरक्षा के लिहाज से पैराफिट नहीं बने हैं। कई वाहन चालक संकरी पुलिया में चोटिल हो चुके हैं।
संपर्क मार्ग कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्या के घर के आगे से होकर बिड़ला स्कूल वाली सड़क से जुड़ जाता है। इस सड़क में कई गड्ढे हैं। रकसिया नाले से दबंगों ने मकानों की बुनियाद के भरान के लिए मिट्टी खोद डाली है। इससे नाले की सुरक्षा दीवार कमजोर हो गई है और सड़क धंसने लगी है, जिन जगहों पर सड़क धंस चुकी है।
वहां कट्टों में रेत भरकर बाकी सड़क को रोका गया है। इसी सड़क पर एस मोड़ है। बिड़ला स्कूल की सड़क को आते वक्त मोड़ पर सामने से कुछ नहीं दिखता है, जिसमें दुर्घटनाएं होती हैं। मोड़ पर सड़क का चौड़ीकरण होने से दुर्घटनाएं बच सकती हैं।
छड़ायल सुयाल एवं आसपास रहने वाले माननीय
>> आपदा एवं सिंचाई मंत्री : यशपाल आर्या
>> भाजपा के पूर्व केंद्रीय मंत्री : बची सिंह रावत
>> भाजपा के पूर्व शिक्षा मंत्री : गोविंद सिंह बिष्ट
>> भाजपा के प्रदेश मंत्री : हेमंत द्विवेदी
>> कांग्रेस के पूर्व सांसद : महेंद्र पाल सिंह
>> भाजपा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष: पूरन चंद्र शर्मा
>> रेशम बोर्ड के उपाध्यक्ष : घनश्याम शर्मा