द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। पीजी कॉलेज में अर्थशास्त्र विभाग में दो दिनी ऑनलाइन इंटरनेशनल वर्चुअल कांफ्रेंस शुरू हो गई है। आयोजन सचिव डॉ. उपासना शर्मा ने वेबिनार के बारे में जानकारी दी। कोविड की समस्या, ब्रिटिशकाल से लेकर अब तक के तमाम संक्रामक रोगों के बारे में जानकारी दी गई।
वक्ताओं ने कहा कि कोविड काल में अधिकतर देशों में लोक कल्याणकारी राज्य की अवधारणा का ह्रास हुआ और मानवाधिकारों का भी हनन हुआ।
कांफ्रेंस की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. एके जोशी ने समसामयिक विषय कोविड की समस्या पर चर्चा की। एसएसजे विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के इतिहास विभाग के प्रोफेसर अनिल जोशी ने कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्र में ब्रिटिश काल से वर्तमान तक अनेक संक्रामक रोगों के बारे में बताया।
उन्होंने महामारी के एतिहासिक परिप्रेक्ष्य में व्याख्यान दिया। चौधरी चरण सिंह विवि मेरठ के अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो अतवीर सिंह ने कहा कि कोविड परिस्थितियों के अंतर्गत कृषि क्षेत्र को उन्नत बनाकर एकल घरेलू उत्पाद बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए।
विषय विशेषज्ञ के रूप में केंद्रीय इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय अमरकंटक (मध्य प्रदेश) की राजनीति विज्ञान और मानवाधिकार विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. अनुपम शर्मा ने ‘कोविड महामारी : परिणाम और चुनौतियां’ विषय पर व्याख्यान दिया।
प्रमुख वक्ता केंद्रीय इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय अमरकंटक (मध्य प्रदेश) की राजनीति विज्ञान और मानवाधिकार विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. अनुपम शर्मा ने कोविड महामारी के परिणामों पर विकासशील विश्व समुदाय पर पढ़ने वाले प्रभावों के बारे में बताया।
कहा कि कोविड काल में विश्व के अधिकतर देशों में लोक कल्याणकारी राज्य की अवधारणा का ह्रास हुआ और मानवाधिकारों का हनन हुआ है। कांफ्रेंस में भारत के विभिन्न राज्यों उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, कर्नाटक सहित विश्व के अनेक देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
महाविद्यालय कांफ्रेंस की संरक्षक और उत्तराखंड की उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. कुमकुम रौतेला ने शुभकामनाएं दीं। वहां डॉ. नाजिश खान, डॉ. प्रकाश भट्ट, डॉ. अंजुम अली, डॉ. शैलेंद्र कुमार, डॉ. दर्शन कंबोज, डॉ. निर्दोषिता बिष्ट आदि थे।