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परंपरागत खेल खेलेंगे हम

Fri, 11 Dec 2015 01:02 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला, हल्द्वानी (नैनीताल)।
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 ‘नशे के खिलाफ जंग, परंपरागत खेल खेलेंगे हम’ के उद्देश्य से आयोजित परंपरागत खेलों के दूसरे दिन का शुभारंभ विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने किया। उन्होंने बच्चों को नशे न करने, सप्ताह में कम से कम दो दिन परंपरागत अनाज का भोजन करने और परंपरागत खेलों को खेलने की शपथ दिलाई।
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 उन्होंने प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम के अंत में कुंजवाल ने मंडुवे की रोटी, भट्ट की चुड़कानी और पालक के कापा का लुत्फ उठाया। कांग्रेस प्रदेश महासचिव आनंद रावत की ओर से आयोजित खेल समारोह में विस अध्यक्ष कुंजवाल ने कहा कि हम सब को मिलकर नशे का जड़ से समाप्त करना होगा।

 उन्होंने कहा कि बच्चे नशे की ओर न जाए, इसके लिए अभिभावक अपने बच्चों में नजर रखें। उन्हें खेल की तरफ भेजें। खेल सबसे बड़ा नशा है। हर बच्चे में खेल का नशा होना चाहिए। आनंद रावत ने इस तरह का आयोजन कर बड़ा सराहनीय काम किया है।
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आगे भी इस तरह के आयोजन होते रहने चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से हमारी आने वाली पीढ़ी को अपनी संस्कृति के बारे में जानने और समझने का मौका मिलता है। एसएसपी स्वीटी अग्रवाल भी परंपरागत खेलों में पहुंची। उन्होंने फुटसाल, पिड्डू, मुर्गाझपट, बट्टी और बाघ-बकरी के मैदान में जाकर हर खेल को बारीकि से समझा।

उन्होंने दर्शकों की मांग पर फुटसाल के मैदान में जाकर गेंद को दो शॉट भी मारी। एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने कहा कि पहली बार मुझे इस तरह के आयोजन में आने का मौका मिला है। मैने इसमें से एक भी खेल नहीं खेला है। बचपन में मैं पढ़ाई में ज्यादा व्यस्त रहती थी, इसलिए मुझे खेलने का मौका नहीं मिला। मेरे लिए यह एक रोमांचक अनुभव था। मुझे यहां आकर काफी कुछ सीखने को मिला।   

पिड्डू खेलने में जहां बुधवार को कान्वेंट स्कूल के बच्चों को परेशानी हो रही थी, वहीं सरकारी स्कूलों के बच्चों ने पिड्डू में शानदार निशाना लगाया। बड़ी संख्या में बच्चों ने इसमें हिस्सा लिया। कुछ बच्चे ग्राउंड में बैठकर गप मार रहे थे, इस पर आनंद रावत बच्चों के बीच में गए और उनसे पूछा कि आपन ने इसमें से कोई खेल खेला है। बच्चों के मना करने पर आनंद बोले, जाओ पास जाकर खेल देखो, यहां पिकनिक मनाने आए हो क्या। खेलोगे तभी तो जीतोगे।


परंपरागत खेल आयोजन के दौरान फुटसाल केवल लड़कों के लिए रखा गया था। लड़के इस खेल को काफी इंज्वाय भी कर रहे थे। लड़कों को देखकर लड़कियों ने भी फुटसाल खेलने की डिमांड की और बड़ी संख्या में लड़कियों ने फुटसाल खेला। आनंद रावत ने कहा कि लड़कियों को फुटसाल खेलते देख काफी अच्छा लगा।  परंपरागत खेलों के आयोजन के दौरान हर चीज परंपरागत तरीके से बनी हुई थी। बृहस्पतिवार को अतिथियों के बैठने के लिए बनाया गया मंच भी पुआल का बना था, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ था।
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