हल्द्वानी। केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन (जेजेएम) योजना जिले में बजट की भारी किल्लत के चलते दम तोड़ती नजर आ रही है। पिछले दो वर्षों से बजट की प्यास न बुझने के कारण पानी अब हर घर का रास्ता भूल गया है।
अधर में लटकी 176 पेयजल योजनाओं को पूरा करने के लिए 350 करोड़ रुपये की दरकार है। संकट सिर्फ अधूरी योजनाओं तक सीमित नहीं है बल्कि काम पूरा होने के बाद कई गांवों में पर्याप्त पानी नसीब नहीं हो रहा है।
वर्ष 2019 में शुरू हुई इस योजना का मुख्य उद्देश्य हर घर तक नल से जल पहुंचाना था। जिले में इस पूरे प्रोजेक्ट का खाका 925 करोड़ रुपये के कुल बजट के साथ तैयार किया गया था जिसके तहत 520 योजनाएं बनाई जानी थीं। इन योजनाओं के जरिए 1008 गांवों के 1.14 लाख परिवारों को पानी का कनेक्शन देने का लक्ष्य तय किया गया था।
विभाग अब तक 575 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है लेकिन फंडिंग रुकने से रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। अब भी 7335 घरों तक पाइपलाइन बिछाकर पानी का कनेक्शन देना बाकी है। ओवरहेड टैंक का निर्माण, पाइपलाइन बिछाने, बिजली के कनेक्शन समेत अन्य कार्य अधूरे पड़े हैं।
मालूम हो कि योजना को वर्ष 2024 तक पूरा किया जाना था लेकिन लचर कार्यप्रणाली और बजट की कमी के कारण काम पूरा नहीं हो सका तो इसकी अवधि बढ़ाकर वर्ष 2028 कर दी गई है।