गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। शालीखेत पंपिंग योजना से जुड़े उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। इस योजना से जुड़े कनेक्शनों का छह महीने में दूसरी बार बिल बढ़ाया गया है। इससे उपभोक्ता परेशान हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि छह महीने के भीतर 72 रुपये प्रतिमाह बिल बढ़ा दिया गया है जो गलत है। आक्रोशित उपभोक्ताओं ने बिल संशोधित करने की मांग उठाई है।
गंगोलीहाट के उपभोक्ताओं का कहना है कि जल संस्थान ने बीते अप्रैल महीने में पानी का बिल 200 रुपये से बढ़ाकर 209 रुपये किया था। अक्तूबर में दूसरी बार बिल बढ़ाया गया। 627 रुपये त्रैमासिक बिल की जगह अब 851 रुपये बिल भेजा जा रहा है। छह महीने में दो बार बिल बढ़ाने से उन पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। बता दें कि योजना से नगर में 1012 और ग्रामीण क्षेत्रों में 727 जल संयोजन दिए गए हैं। लगातार बिल बढ़ाने से जल संस्थान की तिजोरी भर रही है और उपभोक्ताओं की जेब खाली हो रही है। उपभोक्ताओं का साफ तौर पर कहना है कि यदि जल संस्थान की मनमानी नहीं रुकी तो वे सड़कों पर उतरेंगे। संवाद
बोले उपभोक्ता
छह महीने के भीतर दो बार पानी का बिल बढ़ा दिया गया है। मनमाने तरीके से जल संस्थान उपभोक्ताओं से बिल वसूल रहा है जो गलत है।
दमयंती बोरा।
हर महीने 72 रुपये बिल बढ़ाना न्यायसंगत नहीं है। यदि जल संस्थान ने यह निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन होगा। - पुष्पा रावल।
पहले अप्रैल और फिर अक्तूबर में बिल बढ़ाया गया। मनमाने तरीके से बिल बढ़ाना गलत है। यदि जल संस्थान ने इस निर्णय को वापस नहीं लिया तो आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। - नारायण सिंह बोहरा।
छह महीने में 15 फीसदी बिल बढ़ा दिया गया है। जल संस्थान मनमानी कर रहा है इसका विरोध होगा। बिल बढ़ाने का फैसला वापस नहीं हुआ तो सभी उपभोक्ता सड़कों पर उतरेंगे। - भगवती प्रसाद पंत।
कोट
अप्रैल में शासन के निर्देश पर बिल बढ़ा है। वर्तमान में उपभोक्ताओं को एवरेज बिल भेजा जा रहा है। भवन कर जमा करने वाले उपभोक्ताओं को इसी हिसाब से बिल भेजा जाएगा। ऐसे उपभोक्ताओं को भवन कर जमा करने की रसीद दिखानी होगी। - सुरेश जोशी, ईई, जल संस्थान।