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अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना के लिए भूमि हस्तांतरण

Thu, 21 Apr 2016 11:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
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 महानगरीय अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना के निर्माण के लिए भूमि प्रकरण का मामला भी निस्तारित हो गया। परियोजना का निर्माण हल्द्वानी गौलापार बाईपास में 20 एकड़ भूमि में होगा। बाईपास में परियोजना निर्माण में इस्तेमाल होने वाली भूमि के बदले में नगर निगम ने वन विभाग को गढ़वाल में पौड़ी के मैरा गांव पट्टी इंडियाकोट तहसील धूमाकोट में 20 एकड़ अकृषित भूमि स्थानांतरित कर दी है। 
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महानगरीय अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना कुमाऊं का महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लान के तहत 34.88 करोड़ का प्रस्ताव है। प्रोजेक्ट के लिए 17.88 करोड़ की धनराशि मिल चुकी है। प्रोजेक्ट से करीब 35 हजार परिवारों का कूड़ा जैविक विधि से निस्तारित होना है। कुमाऊं कमिश्नर एएस नयाल की देखरेख में परियोजना शुरू होनी है। 

कोट
- भारत सरकार के वन मंत्रालय ने प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। प्रदेश सरकार ने वन विभाग को पौड़ी जिले में जमीन आवंटित कर दी है। जमीन का मामला खत्म होने के बाद प्रोजेक्ट के निर्माण में तेजी आएगी। 
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- एएस नयाल, आयुक्त कुमाऊं

हल्द्वानी समेत पांच निकायों में लागू होगा प्रोजेक्ट
परियोजना नैनीताल जिले के हल्द्वानी, रुद्रपुर, लालकुआं, किच्छा और भीमताल में लागू होगी। हल्द्वानी नगर निगम पांचों नगर निकायों को लीड करेगा। पांचों शहरों का करीब 250 टन प्रतिदिन कूडे़ का निस्तारण होगा। इसमें अकेले हल्द्वानी से प्रतिदिन औसत 80 टन कूड़ा शामिल होगा। 

23 अप्रैल को होगी अहम बैठक
प्रोजेक्ट के निर्माण को लेकर 23 अप्रैल को हल्द्वानी नगर निगम में पांचों नगर निकायों की बैठक होगी। हल्द्वानी नगर निगम के मेयर डा. जोगेंद्र सिंह रौतेला प्रोजेक्ट के चेयरमैन हैं। मेयर की अध्यक्षता में ही प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन को लेकर बैठक होगी। जिसमें पांचों नगर निकायों के अधिशासी अभियंता और जनप्रतिनिधि शामिल रहेंगे। 

कूड़ा प्रबंधन में फेल है निगम का तंत्र
हल्द्वानी में कूड़ा बड़ी समस्या है। नगर निगम वार्ड और शहर की सफाई नहीं कर पाता है। शहर में अलग अलग जगहों में करीब 40 डस्टबिन रखे गए हैं, जो आबादी के लिहाज से काफी कम हैं। डस्टबिन हमेशा कूड़े से भरे रहते हैं। नालियां गंदगी से बंद होने से पानी सड़कों पर फैलता है। गर्मी में गंदगी संक्रामक बीमारियों की वजह बन रही है।
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