अंग्रेजों के समय बनाए गए पैदल मार्गों को अब ट्रैकिंग रूट के रूप में विकसित किया जाएगा। पर्यटन विभाग की ओर से भवाली से हल्द्वानी मोटर मार्ग के मध्य अंग्रेजों के समय बनाए गए पैदल मार्गों को चिह्नित करने के बाद उन्हें ट्रैकिंग रूट के रूप में नई पहचान दिलाने की कवायद की जा रही है। पर्यटन विभाग की ओर से जल्द पैदल मार्गों को चिन्हित करने का सर्वे शुरू किया जाएगा।
पर्यटन विभाग की ओर से भवाली से हल्द्वानी मोटर मार्ग के मध्य सातताल से सूर्यागांव होते हुए रानीबाग तक अंग्रेजों के समय बने पैदल मार्ग को ट्रैकिंग रूट के लिए विकसित करने की तैयारी कर रहा है। साथ ही अन्य जगहों से भी जो मार्ग अंग्रेजों के समय हल्द्वानी तक पहुंचते थे, उनको भी चिह्नित कर ट्रैकिंग के लिए तैयार किया जाएगा। विभाग 40 किमी तक रूट तैयार करने की सोच रहा है।
भवाली से हल्द्वानी तक अंग्रेजों के समय बनाए गए पैदल मार्गों को ट्रैकिंग रूट के रूप में विकसित करने के लिए योजना तैयार बनाई जा रही है। इसके लिए सर्वे करने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। ट्रैकिंग रूट बनने से एडवेंचर और ट्रैकिंग को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार के साथ ही पर्यटन को नई पहचान भी मिलेगी।- अतुल भंडारी, जिला पर्यटन अधिकारी।
बर्ड वॉचिंग को भी मिलेगा बढ़ावा
ट्रैकिंग रूट बनने से एडवेंचर और बर्ड वॉचिंग को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही एडवेंचर और ट्रैकिंग का शौक रखने वाले लोगों को प्राकृतिक सौंदर्य को निहारने के साथ अंग्रेजों के समय बनाए गए पैदल मार्ग की जानकारी भी मिल पाएगी। ट्रैकिंग रूट विकसित होने पर सैलानियों की आवाजाही बढ़ने से स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिल पाएगा।
बैठक के लिए लगाई जाएंगी बेंच
पर्यटन विभाग की ओर से भवाली से हल्द्वानी तक जिस भी पैदल मार्ग को ट्रैकिंग के लिए तैयार किया जाएगा, उन रूटों पर सैलानियों और एडवेंचर से जुड़े लोगों के बैठक के लिए बेंच भी लगाई जाएंगी।